Strict action within 24 hours: Three hundred temporary workers removed- नगर परिषद प्रशासन ने सफाई मजदूर यूनियन को दिया टकासा जवाब
#City Council नगर परिषद प्रशासन ने बजट बैठक के चौबीस घंटे के अंदर ही सख्ती दिखाते हुए शहर में लगे तीन सौ अस्थायी सफाई कार्मिकों की छुटटी कर दी। बुधवार को सफाई मजदूर यूनियन से वार्ता का दौर भी चला लेकिन सुलह नहीं हुई तो अध्यक्ष उमेश वाल्मीकि ने अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल गुरुवार से शुरू करने और डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने की प्रक्रिया ठप करने की घोषणा की है। इससे पहले यूनियन पदाधिकारियों ने नगर परिषद और कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर अस्थायी कार्मिकों का वेतन दिए जाने की मांग की।
आयुक्त यशपाल आहुजा बोले कि स्थायी सफाई कार्मिकों को वेतन दिया जा चुका हैं लेकिन अस्थायी कार्मिकों को भुगतान सीधे ठेकेदार को करना हैं, इस ठेके से वेतन मांगने की बजाय सीधे नगर परिषद परिसर में आकर बार बार धरना प्रदर्शन से जानबूझकर दबाव की राजनीति की जा रही हैं। यह अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने साफ साफ आदेश जारी कर दिए हैँ कि अस्थायी तीन सौ कार्मिकों को अब नहीं लगाया जाएगा। इनकी सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। वहीं ठेकेदार ने शहरहित में कचरा संग्रहित कार्य में सहयोग करने का आश्वासन भी दिया हैं।
नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि शहर में सात सौ स्थायी सफाई कार्मिक हैं। इसके अलावा ट्रेक्टर ट्रॉलियों के चालक व हेल्पर भी हैं। लेकिन तीन सौ अस्थायी कार्मिकों को लगाकर नगर परिषद को हर महीने चालीस लाख रुपए का बजट वहन करना पड़ रहा हैँ। आयुक्त ने साफ बोला कि हमारे स्थायी सफाई कार्मिक सैनिक हैँ, इनके बलबूते से शहर की सफाई का कार्य करवाया जाएगा। वेतन भी नियमित दिया जा रहा हैं। नगर परिषद के पास खजाना इतना अधिक नहीं है कि ठेकेदार के तीन सौ अस्थायी कार्मिक रख सके। ऐसे में इन तीन सौ कार्मिकों की छुट़टी करने के आदेश किए हैँ।
इधर, नगर परिषद प्रशासन ने बुधवार शाम को सफाई मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों की सूची तैयार की हैं। इन पदाधिकारियों को अपने अपने हलके में सफाई कार्य की डयूटियां भी करनी होगी। इस संबंध में नगर परिषद प्रशासन ने सभापति गगनदीप कौर पांडे और विधायक जयदीप बिहाणी को भी अवगत कराया हैं।