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श्रीगंगानगर. सहकारिता के माध्यम से किसानों को लाभाविंत करने के लिए अनेक योजनाऐं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं का लाभ जितना किसानों को मिलना चाहिए, उतना लाभ नहीं मिला है। इसका मुख्य कारण ग्राम सेवा सहकारी समितियों की आर्थिक हालत खराब होना है। सरकारों की नीति के चलते ग्राम सेवा सहकारी समितियों को सुविधाऐं नहीं मिली है। यह बात आमसभा विशिष्ट अतिथि कृय विकृय सहकारी समिति (केवीएसएस) के 35वीं आम सभा में किसान एवं सहकारी बैंक के पूर्व संचालक मंडल सदस्य गुरलाल सिंह बराड़ ने कही। आम सभा की अध्यक्षता सहकारिता विभाग के अधिकारी एवं प्रशासक संदीप शर्मा ने की। आमसभा में करीब 227किसानों ने भाग लिया। बैठक में कृषि विभाग सहायक कृषि अधिकारी डीएस बीदावत ने कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। किसानों ने कृषि विभाग की गतिविधियों के बारे में अनजान होने, कृषि अधिकारी पंचायत मुख्यालयों से नदारद रहने, फसल बुवाई के बाद बीज वितरण करने, खाद बीज तथा फसलों के उपचार आदि की जानकारी नहीं मिलने पर रोष जताया। बैठक में कृषि विभाग के खिलाफ किसानों की लामबंदी होने पर सहायक कृषि अधिकारी को किसानों की हां में हां मिलाकर पीछा छुड़ाना पड़ा।
सहकारी समिति लेखाधिकारी बंशीधर पारीक ने गत वर्ष 2017-18 का आय-व्यय का लेखा जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने एजेण्डे वार प्रस्ताव रखे। गत वर्ष के वार्षिक लेखा, आगामी बजट की पुष्टि आम सभा में उपस्थित किसानों ने की। समिति के मुख्य व्यवस्थापक सोहनलाल ने किसानों से समिति के संबंध में समस्याऐं सुनी। किसानों से आए सुझावों पर कार्रवाही करने का भरोसा दिया। बैठक में किसानों ने सहकारी समिति द्वारा प्रदत योजनाओं को ग्राम सेवा सहकारी समिति मुख्यालय तक पहुंचाने, ग्राम सेवा सहकारी समिति को आर्थिक सहायता देकर सुद्धृढ करने का प्रस्ताव भी दिया। किसान इकबाल सिंह औलख, ग्राम सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष सुखजीत बराड़, २८ एएस पूर्व अध्यक्ष हीरालाल जाखड़, पूर्व व्यवस्थापक कुलवंत कालड़ा, २ आरएम समिति अध्यक्ष शीशपाल, ऋण पर्यवेक्षक ओम स्वामी, समिति के भेरूलाल आदि ने सहकारिता तथा किसानों को अधिक सहायता व सहुलियतें देने के विचार रखे। सहकारी समिति लाभ में रहने पर किसानों ने कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यशैली की सराहना की। सहकारिता विभाग के अधिकारी बीडी पारीक ने सदस्य किसानों की समस्याओं का उच्चाधिकारियों तक पहुंचा कर समाधान कराने का अवगत करवाया।