श्री गंगानगर

वंदेमातरम् से खुलता, राष्ट्रगान से बंद होता है ऑफिस

श्रीगंगानगर जिला परिषद में देशभक्ति और कार्य संस्कृति का अभिनव प्रयोग
2 min read
Feature image

कृष्ण चौहान

श्रीगंगानगर.श्रीगंगानगर की जिला परिषद इन दिनों अनुशासन और समय पालन के अभिनव प्रयोग को लेकर चर्चा में है। यहां प्रत्येक कार्यदिवस की शुरुआत सुबह ठीक 9.35 बजे सामूहिक वंदेमातरम् से होती है, जबकि शाम 5.55 बजे राष्ट्रगान होता है। इसके पांच मिनट बाद, यानी ठीक 6 बजे अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय से प्रस्थान करते हैं। सीईओ की पहल पर यह व्यवस्था ऑफिस में कर्मचारियों के लिए समयबद्धता, अनुशासन और देशभक्ति से जोडक़र देखी जा रही है।इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराने में सीईओ गिरधर और एसीईओ हरिराम चौहान की अहम भूमिका रही है। सभी अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें और वंदेमातरम् व राष्ट्रगान के सामूहिक आयोजन में अनिवार्य रूप से शामिल हों। दोनों समय प्रतिदिन फोटो ली जा रही है, जिससे उपस्थिति और समय पालन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।

अब दिखने लगा सकारात्मक असर

करीब दो माह पहले शुरू की गई इस व्यवस्था का असर अब स्पष्ट नजर आने लगा है। कर्मचारियों में समय पर आने-जाने की आदत विकसित हुई है और काम के प्रति गंभीरता बढ़ी है। एक कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शुरुआत में यह प्रयोग असहज लगा, लेकिन अब समय पर ड्यूटी आने से काम में मन लगता है और जिम्मेदारी का एहसास बढ़ा है।

देशभक्ति की भावना को मिली मजबूती

सरहदी जिला होने के कारण श्रीगंगानगर में देशभक्ति की भावना पहले से ही प्रबल रही है। वंदेमातरम् और राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से यह भावना और मजबूत हुई है। अब अधिकांश कार्मिक अपनी सीट पर समय पर उपलब्ध रहते हैं। गांव ओडकी के ग्रामीण सोनू ने बताया कि जिला परिषद में काम के दौरान अब कर्मचारियों से आसानी से संपर्क हो जाता है।

वर्जन

इस व्यवस्था को पहले स्वयं पर लागू किया गया, फिर सभी कार्मिकों के लिए अनिवार्य किया गया। अधिकांश कर्मचारी इसमें उत्साह से भाग ले रहे हैं। यह पहल अनुशासन के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति सम्मान और कर्तव्यबोध को भी मजबूत कर रही है।

हरिराम चौहान, एसीईओ, जिला परिषद, श्रीगंगानगर

Updated on:
10 Jan 2026 09:50 pm
Published on:
10 Jan 2026 09:50 pm