दस दिन पूर्व एएसपी को दिया था परिवाद, एक युवती ने कस्बे के एक व्यापारी के पुत्र पर शादी का झांसा देकर तीन साल तक देह शोषण का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज
रायसिंहनगर.
एक युवती ने कस्बे के एक व्यापारी के पुत्र पर शादी का झांसा देकर तीन साल तक देह शोषण का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है। शनिवार देर शाम पुलिस थाने पहुंची युवती ने युवक व उसके परिजनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई। युवती का आरोप है कि रायसिंहनगर निवासी ओढना व्यवसायी राजेन्द्र कुमार के पुत्र सौरव से उसकी जान पहचान थी। साधारण जान पहचान के चलते वह उसके करीब आ गया तथा उसे अपने प्रेम जाल में फंसाकर शादी करने का झांसा दिया। आरोप है कि शादी का झांसा देकर तीन साल से वह उसका देह शोषण करता रहा।
पीडि़ता ने आरोप लगाया कि कुछ समय पूर्व सौरव ने उससे शादी से इंकार कर दिया। इसकी जानकारी उसने परिजनों को दी तो परिजनों ने युवक व उसके परिवार पर शादी का दबाव बनाया। जिस पर सौरव के पिता राजेन्द्र, उसकी माता ममता, बहन रिया व सौरव के भाई ने उसे धमकियां देनी शुरू कर दी। आरोप है कि परिजनों ने उस पर तीन लाख रुपए लेकर मामले को रफा दफा करने का दबाव भी बनाया। इसके बाद पंचायतियों के कई दौर चले लेकिन सौरव व उसके परिजन शादी को राजी नहीं हुए। पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि आरोपितों ने उसकी अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर बदनाम करने की धमकी भी दी। पुलिस ने शनिवार देर रात मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
एक पखवाड़े पूर्व दिया था परिवाद
जानकारी अनुसार पीडि़ता ने करीब एक पखवाड़े पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश होकर परिवाद दिया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए लेकिन इससे पहले ही पीडि़ता ने एक शपथ पत्र देकर मामला दर्ज करने से पूर्व कुछ समय देने की मांग की। जिस पर पुलिस ने पीडि़ता को समय दिया। इस दौरान पीडि़ता व आरोपित के परिजनों के बीच आपसी पंचायती का प्रयास हुआ। लेकिन सौरव द्वारा पीडि़ता के साथ शनिवार को शादी करने से साफ इंकार कर दिए जाने पर शनिवार रात करीब नौ बजे पीडि़ता अचानक पुलिस थाने में पहुंच गई। मौके पर पुलिस ने युवती की दरख्वास्त के आधार पर मामला दर्ज कर लिया।
मेडिकल मुआयने में फिर देरी
उधर शनिवार रात को मामला दर्ज होने के बाद पुलिस रविवार को युवती का मेडिकल मुआयना नहीं करवा पाई। पुलिस के अनुसार राजकीय चिकित्सालय रायसिंहनगर में महिला चिकित्सक नहीं है। जबकि नियमानुसार अविवाहित होने व व्यस्क होने के कारण महिला चिकित्सक ही मेडिकल मुआयना कर सकती है। पिछले एक ही महीने में यह तीसरा मामला है जबकि दुष्कर्म पीडि़ताओं को मेडिकल परीक्षण के लिए दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ा है।