श्रीगंगानगर.डॉ.भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के माय भारत और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय विकसित भारत युवा संसद-२०२६ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय च्आपातकाल के ५० वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबकज् रहा, जिस पर विद्यार्थियों ने संसद की कार्यवाही की तर्ज […]
श्रीगंगानगर.डॉ.भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के माय भारत और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय विकसित भारत युवा संसद-२०२६ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय च्आपातकाल के ५० वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबकज् रहा, जिस पर विद्यार्थियों ने संसद की कार्यवाही की तर्ज पर विचार प्रस्तुत किए।कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक जागरूकता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करना रहा। जिले के विभिन्न महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों से १५९ विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से २९ प्रतिभागियों ने विचार रखे। प्रतिभागियों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संविधान की सर्वोच्चता, मौलिक अधिकारों की सुरक्षा, स्वतंत्र मीडिया और सक्रिय नागरिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर तर्क प्रस्तुत किए।
युवा आइकॉन एवं अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता एथलीट शिशपाल लिंबा ने कहा कि युवा जागरूक होगा तो देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. बलवंत सिंह चौहान ने की। समन्वयक डॉ. इकबाल सिंह, सह-समन्वयक एवं उपनिदेशक मायभारत भूपेंद्र सिंह शेखावत तथा जिला एनएसएस प्रभारी डॉ. मधु वर्मा ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। निर्णायक मंडल में डॉ. विजयलक्ष्मी महिंद्रा, डॉ. राम सिंह राजावत, सेवानिवृत्त आरएएस शंकर लाल शर्मा, आर.सी. श्रीवास्तव एवं डॉ. नवज्योत भनोत शामिल रहे।
प्रतियोगिता में सूरतगढ़ पीजी महाविद्यालय की शिल्पा शेखावत प्रथम, श्री गुरुनानक कन्या महाविद्यालय की महक द्वितीय, राजकीय महिला महाविद्यालय सादुलशहर की अलीशा तृतीय, डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय का विशाल चतुर्थ और सरस्वती शिक्षण सदन पीजी महाविद्यालय का रजत दावाडिया पांचवें स्थान पर रहा। प्रतियोगिता में शीर्ष पांच प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय युवा संसद के लिए किया गया। प्राचार्य डॉ. बलवंत सिंह चौहान ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में वैचारिक परिपक्वता और राष्ट्र निर्माण की भावना मजबूत करते हैं।