पंजाब आरडी 45 पर गंगनहर में पानी की आपूर्ति कर रहा है लेकिन राजस्थान-पंजाब सीमा पर गंगनहर के खखां हैड पर मंगलवार को शेयर से तीन सौ क्यूसेक कम पानी की आवक हो रही थी
श्रीगंगानगर. गंगनहर में पानी कम होने का सिलसिला अब थमा नहीं है। पंजाब आरडी 45 पर गंगनहर में पानी की आपूर्ति कर रहा है लेकिन राजस्थान-पंजाब सीमा पर गंगनहर के खखां हैड पर मंगलवार को शेयर से तीन सौ क्यूसेक कम पानी की आवक हो रही थी, जिससे गंगनहर प्रणाली की कई और नहरों को बंद करना पड़ा है।
चंडीगढ़ में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की बैठक 21 मार्च को होनी है। तब तक गंगनहर का शेयर 1600 क्यूसेक तय किया गया है। पंजाब में आरडी 45 पर मंगलवार को 1665 क्यूसेक पानी की आपूर्ति हो रही थी जो तय शेयर से 65 क्यूसेक ज्यादा थी। पंजाब जल संसाधन विभाग के अधिकारी तो गंगनहर के उद्गम स्थल पर शेयर से ज्यादा पानी देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। लेकिन आरडी 45 से राजस्थान-पंजाब सीमा पर गंगनहर के खखां हैड पर पानी की आवक 1300 क्यूसेक ही है, जो पंजाब से मिल रहे पानी से 365 क्यूसेक कम है। संभवत: 365 क्यूसेक पानी की या तो पंजाब में ही क्षति हो रही है या फिर चोरी हो रही है।
पानी की आवक 1300 क्यूसेक रहने पर गंगनहर प्रणाली की तेईस नहरों में से एच, फार्म, डी साधुवाली, नेतेवाला, हिरणावाली, बाईफ्रिकेशन-जे, रिडमलसर, और एच नहर ही चल रही है। आरबी, समेजा, करणीजी, जेड और वाई को बैलेंस में बताया गया है। एफ, एमएलए, केके, ईइए, बीबी, पीएस, एलएनपी, जीजी, एमएल और एमके नहर बंद हैं। पानी की उपलब्धता कम होने से वरीयताक्रम से जिन नहरों को चलाया जाना था, अब उन्हें चलाना खटाई में पड़ गया है। पानी कम होने से जिन चलती नहरों को बंद किया गया उनके कई वारों के किसानों की दूसरी या तीसरी बारी सूखी चली गई है।