शराब ठेकों का सही संचालन करने देने के लिए रिश्वत लेते हुए घमूड़वाली थाना प्रभारी, आबकारी निरीक्षक और आबकारी दल के सिपाही को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बुधवार दोपहर बाद गिरफ्तार कर लिया।
श्रीगंगानगर.
शराब ठेकों का सही संचालन करने देने के लिए रिश्वत लेते हुए घमूड़वाली थाना प्रभारी, आबकारी निरीक्षक और आबकारी दल के सिपाही को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बुधवार दोपहर बाद गिरफ्तार कर लिया।
बीकानेर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पुलिस अधीक्षक ममता बिश्नोई ने बताया कि 26 फरवरी को श्रीगंगानगर की शंकर कॉलोनी निवासी आकाशदीप ने ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनिया के समक्ष शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने बताया कि घमूड़वाली में कम्पोजिट शराब दुकान तेजभान शर्मा के नाम से स्वीकृत है। जिसमें वह कर्मचारी है। शराब दुकान घमूड़वाली थाना क्षेत्र में है, जहां थाना प्रभारी शराब की दुकान निर्बाध रूप से चलने देने और परेशान नहीं करने की एवज मे हर माह दबाव डालकर 10 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा है। इस शिकायत का सत्यापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूनिया ने 27 फरवरी और 2 मार्च को किया। सत्यापन के दौरान थाना प्रभारी ने दुकान निर्बाध चलने देने की एवज में 20 हजार रुपए रिश्वत मांगी। सत्यापन के दोनों दिन थाना प्रभारी ने पांच-पांच हजार रुपए रिश्वत के ले लिए। वहीं शेष दस हजार रुपए बुधवार को देना तय हुआ।
वहीं इसी परिवादी ने एक और शिकायत दी कि चक 2 एनएम में समूह संख्या 291 आवंटित है। जिसमें उसे मोनिका ने कर्मचारी रखा हुआ है। यह शराब ठेका आबकारी निरीक्षक सूरतगढ़ क्षेत्र में है। सूरतगढ़ आबकारी निरीक्षक सुभाष 7 हजार रुपए मंथली लेने के लिए नाजायज रूप से परेशान करता है। बंधी नहीं देने पर दुकान पर आकर मंथली नहीं मिलने पर दुकान बंद कराने की धमकी देता है। इस शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें पदस्थापन अवधि अक्टूबर 2016 से मार्च 2017 तक 5 हजार रुपए मंथली के रूप में रिश्वत की मांग करना तथा पूर्व में 17 हजार रुपए मंथली रिश्वत राशि लेना तथा बकाया मंथली 8 हजार रुपए व 7 हजार रुपए जिला आबकारी अधिकारी व सहायक आबकारी अधिकारी के लिए कुल 15 हजार रुपए की मांग करना सत्यापित हुआ।
दोनों शिकायतों का सत्यापन सही पाए जाने पर ब्यूरो पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनिया के नेतृत्व में एक टीम ने जिला आबकारी कार्यालय श्रीगंगानगर में कार्रवाई कर आबकारी निरीक्षक सुभाष और आबकारी दल के सिपाही सुनील कुमार को पंद्रह हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। दूसरी तरफ ब्यूरो के पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार की टीम ने घमूड़वाली थाने में कार्रवाई कर थाना प्रभारी घुक्कर सिंह को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। थाने व आबकारी कार्यालय में शाम तक कार्रवाई चलती रही।
कार्रवाई की खबर मिलते ही कर्मियों में हड़कंप
बुधवार दोपहर जैसे ही आबकारी निरीक्षक व थाना प्रभारी के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की खबर पुलिसकर्मियों व आबकारी कर्मचारियों को मिली तो उनमें हड़कंप मच गया। जो पुलिसकर्मी थाने से बाहर थे। वे कार्रवाई के दौरान वहां नहीं आए। आबकारी कार्यालय में भी कमोबेश एेसी ही स्थिति रही।
आबकारी कार्यालय में नहीं मिले अधिकारी
ब्यूरो टीम की कार्रवाई के दौरान आबकारी कार्यालय में कोई अधिकारी नहीं था। अधिकारियों के कमरे खाली पड़े थे। इस दौरान ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कर्मचारियों को कहा कि वे अधिकारियों को बुलाए लेकिन शाम तक वहां कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
अधिकारियों की भूमिका की होगी जांच
इस मामले में रिश्वत लेते पकड़े गए आबकारी निरीक्षक सुभाष की ओर से अधिकारियों के लिए भी अलग से रिश्वत की राशि लेने का मामला सामने आया है। इस पर ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनियां ने कहा कि इस मामले में अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी गहनता से जांच की जाएगी।