अनूपगढ़/ श्रीगंगानगर.
जिले के अनूपगढ़ कस्बे स करीब आठ किलोमीटर दूर है गांव बिंजौर। कहने को सीमावर्ती इलाके का एक साधारण सा गांव लेकिन एक बात है जो इसे खास बनाती है। मान्यता है कि विश्व प्रसिद्ध प्रेमी युगल लैला-मजनूं भटकते हुए राजस्थान के इसी सीमावर्ती इलाके अनूपगढ़ के गांव बिंजौर में पहुंच गए थे। हालांकि उनके यहां आने के कोई प्रमाणिक तथ्य तो नहीं है लेकिन मान्यता अनुसार उनके यहां आने के बाद यहां ही उनकी मौत हुई थी। ऐसे में इसी जगह पर उनकी मजारें भी हैं।
धोक लगाने आते हैं प्रेम के पंछी
मान्यता के कारण अधिकांश प्रेम करने वाले युगल इस मजार पर आकर अपने सुखद जीवन और जीवन साथी का साथ बनाए रखने की कामना करते हैं। बताते हैं कि इस मजार पर लोगों की अन्य कई मन्नतें भी पूरी होती हैं।
मजार पर शुरू हुआ मेला
मजार पर शुरू में प्रतिवर्ष पंद्रह जून को ही मेला लगता था। बाद में लोगों की मान्यता को देखते हुए इसे पांच दिवसीय किया गया लेकिन इस बार गर्मी के कारण मेला चौदह और पंद्रह जून को दो दिन ही लगा है। मेले की शुरुआत शुक्रवार को हुई। श्रीगंगानगर के अलावा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और आसपास के कई अन्य राज्यों से लोग यहां आते हैं। यहां मेले के अवसर पर करीब सौ से डेढ सौ अस्थाई दुकानें भी सजाई गई हैं।