राजस्थान राज्य परिवहन पथ निगम के टायर सेक्शन के प्रभारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
अनूपगढ।श्रीगंगानगर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो श्रीगंगानगर की टीम ने कार्रवाई करते हुए 1300 रुपए रिश्वत लेते राजास्थान राज्य परिवहन पथ निगम के अनूपगढ आगार के टायर सेक्शन के प्रभारी मिस्त्री को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जानकारी देते हुए बताया कि हेतराम पुत्र जगदीश निवासी खांटा अनूपगढ डिपो में एक एजेंसी के मार्फ़त हेतराम पुत्र जगदीश राम संविदाकर्मी के रूप में ड्राइवर लगा हुआ है। हेतराम 10 जुलाई को अनूपगढ खाजूवाला बठिंडा के रूट पर आर जे 13 पी ए 4478 रोडवेज की बस लेकर गया था।बस के पीलीबंगा पहुंचने पर बस का टायर फट गया।
जब हेतराम बस का टायर बदलवाने बस को अनुपगढ़ डिपो लाया तो टायर सेक्शन के प्रभारी गुरपाल सिंह पुत्र मोहन सिंह ने हेतराम को बताया कि बस का टायर समय से पहले फट गया है जिसकी पेनल्टी 11000 रुपए लगेगी। टायर सेक्शन के प्रभारी गुरपाल ने हेतराम को कहा कि तुम मुझे 1500 रुपए दे दो मैं ऐसी रिपोर्ट तैयार कर दूंगा कि तुम्हारे 5000 रुपए पेनल्टी लगेगी। हेतराम ने गुरपाल की 15 अगस्त तथा 16 सितम्बर की इसकी शिकायत श्रीगंगानगर कार्यालय में की। अडिशनल एस पी ने बताया कि गुरपाल की शिकायत पर हमारी टीम द्वारा दो बार इसका स्त्यापन करवाया गया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि गुरपाल ने 1300 रुपए में गलत रिपोर्ट देना स्वीकार कर लिया।
उन्होने बताया की आज हेतराम को रंग लगे 1300 रुपए देकर गुरपाल को देने के लिए भेजा। हेतराम ने अनूपगढ डिपो के बाहर रिश्वत राशि 1300 रुपए जैसे ही गुरपाल को दी। उसने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम को इशारा कर दिया। भ्रष्टाचार टीम को गुरपाल की तलाशी लेने पर उसके पजामे की जेब से 1300 रुपए रिश्वत राशि बरामद कर ली गई। भ्रष्चार निरोधक टीम ने गुरपाल के हाथ थुलवाए तो उसके हाथों पर गुलाबी रंग आ गया। समाचार लिखे जाने तक भ्रष्टाचार निरोधक टीम द्वारा कार्रवाई जारी थी। अडिशनल एस पी ने बताया कि गुरपाल को गिरफ्तार किया जाएगा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम में अडिशनल एस पी राजेन्द्र ढिढ़रिया के अलावा हेड कांस्टेबल हंसराज संजीव जगदीश पूर्ण सिंह नरेश भवानी सिंह भी साथ थे। अनूपगढ़ पुलिस के द्वितीय अधिकारी करनाराम भी मौके पर मौजूद रहे।