श्रीकरणपुर में युवकों ने अलग अंदाज से शुरू किया नया साल, घर पहुंचकर जाना बुजुर्गों का हाल
श्रीकरणपुर. नया वर्ष मनाने के लिए जहां आजकल की युवा पीढ़ी यारों दोस्तों संग नाच गाने का कार्यक्रम या पार्टी करती है। वहीं कस्बे की अरोड़वंश युवा टीम ने इसे अलग तरीके से मनाया। आप यह जानकर हैरान होंगे कि टीम से जुड़े करीब २१ सक्रिय युवकों ने एक साथ संकल्प कर सुबह सवेरे अपने मां बाप का आशीर्वाद लिया और बाद में पूरा दिन बुजुर्गों के साथ बिताया।
अपनापन देखकर भावुक हुए बुजुर्ग
योजना के तहत युवा टीम के सदस्य पूर्व में चयनित बुजुर्गों के घर पहुंचे। उन्हें बाकायदा एक रंगीन कार्ड देकर नए साल की बधाई दी और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। युवकों का इतना अपनापन देखकर बुजुर्ग मौके पर भावुक हुए बिना नहीं रह सके। इस अवसर पर युवाओं ने बुजुर्गों की समस्याओं को जाना। उन्हें हल कराने का पूरा भरोसा दिलाया। मौके पर युवकों का कहना था कि भारतीय संस्कृति में मां बाप को भगवान का दर्जा दिया गया है। वहीं बुजुर्गों का आशीर्वाद ईश्वर की नियामत है।
ऐसे आया यह आइडिया
अरोड़वंश युवा टीम के संदीप सेठी ने बताया कि करीब एक माह पहले सदस्यों ने बैठक कर साल की शुरूआत कुछ अलग तरीके से करने की बात कही। इसमें तय किया गया कि समाज के अनुभवी व वृद्ध लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं जानी जाएं और उनका हल किया जाए। इसके तहत युवकों ने कार्य शुरू कर समाज से जुड़े सभी परिवारों व उनके सदस्यों की सूची तैयार की। इसमें उनके जन्मदिन व शादी की साल गिरह आदि की जानकारी भी अंकित की गई।
इस दौरान करीब ३५ बुजुर्गों को अपना जन्म वर्ष तो ध्यान था लेकिन जन्म तिथि ध्यान नहीं थी। युवाओं ने उन्हें एक जनवरी मानकर नया साल इन्हीं के आशीर्वाद से शुरू करने का निर्णय लिया। डॉक्टरों के लिए करेंगे आंदोलन सेठी ने बताया कि अधिकांश बुजुर्गों ने राजकीय चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी होने की मुख्य समस्या बताई। उनका कहना है कि विशेषज्ञों के नहीं होने से उन्हें जिला मुख्यालय पर भटकने या निजी चिकित्सकों को भारी भरकम राशि देकर इलाज करवाने की मजबूरी है।
संगठन सदस्यों ने निर्णय किया कि चिकित्सालय में डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए वे राज्यमंत्री के समक्ष मांग उठाएंगे। फिर भी बात नहीं बनी तो आंदोलन करेंगे। मौके पर अनिल रस्सेवट, अमित भठेजा, राजन बवेजा, सोनू चावला, डॉ.सनी बवेजा, नवीन पाहवा, विशाल रस्सेवट, कमल छाबड़ा, गोरू सुखीजा, अशोक मिगलानी आदि मौजूद थे।