
संगरिया. उपखंड कार्यालय में स्थाई एसडीएम नियुक्ति की मांग लेकर आजादी बचाओ आंदोलन कार्यकत्र्ता सोमवार से बेमियादी धरने पर बैठ गए। मेजरसिंह बोलांवाली ने बताया कि सरकार जब तक यहां स्थाई एसडीएम नियुक्ति नहीं करेगी वे धरने पर बैठे रहेंगे। धरनार्थियों ने आरोप लगाया कि पिछले लंबे समय से जनता के अनेकों काम रुके पड़े हैं। जनता बेहद परेशान है। शाम तक अपने कामों के लिए वे इंतजार करके बेरंग लौट जाते हैं। स्थानीय जन प्रतिनिधि मौन हैं और सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
अब तक तेरह एसडीएम बदले जा चुके हैं, पर कोई भी स्थाई अधिकारी नहीं होने से उपखंड स्तर के काम ठप हैं। लोगों को मजबूरन कलक्टर के पास जाना पड़ता है या काम के लिए इंतजार करने के सिवाय कोई चारा नहीं है। धरने पर सोमवार को जोगिंद्रसिंह, श्रीराम, अनिल जैन, विनोद, आत्मासिंह, गुरमेलसिंह, हरपाल, राजेंद्र कुमार, ख्यालीराम, बलकरणसिंह, संतोषसिंह, रणजीत, रघुवीर, संपूर्णसिंह, गुरदयाल, विजयपाल, जयपाल आदि बैठे। पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र खीचड़ ने समर्थन देते हुए शीघ्र एसडीएम नियुक्ति की मांग की।
टूटी पुलिया व सड़क बनी परेशानी
संगरिया. पुलिस चौकी ढ़ाबा और गांव भगतपुरा के बीच टूटी मुख्य सड़क तथा पुलिया राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। किसी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। सार्वजनिक निर्माण विभाग सुध नहीं लें रहा। यह मार्ग संगरिया से मलोट व अबोहर को जोड़ता है। जिस पर यातायात का भारी दवाब है।
स्कूल बसें भी यहीं से गुजरती हैं। विक्रम कलहरी व अन्य ग्रामीणों ने कलक्टर व सानिवि मंत्री को इस आशय का ज्ञापन भेजा है। रोज गुजरने वाले साधन किसी तरह साइड से होकर गुजरते हैं लेकिन अनजान को इस गड्ढे का पता नहीं होता जिससे वह दुर्घटना का शिकार हो जाता है।
गेहूं खरीद समुचित व्यवस्था कराने की मांग
संगरिया. व्यापार मंडल ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदकर पर्याप्त एवं समुचित भंडारण करवाने की व्यवस्था कराने की मांग एफसीआई क्षेत्र प्रबंधक से की है। अध्यक्ष कृष्ण जैन व सचिव कुलदीप सहारण ने विगत वर्षों की भांति गेहूं संगरिया, रतनपुरा, रीको, वेयर हाऊस व स्थानीय फैक्ट्रीयों में खुले प्लीन्थों पर भंडारित व रक्षित करने को कहा है ताकि किसानों, व्यापारियों व मजदूरों को परेशानी ना हो। उन्होंने बताया कि मंडी में दस अप्रैल से गेहूं की आवक शुरु हो जाएगी। जो करीब 20-22 लाख थैला आने की संभावना है। इसलिए सुझाई जगहों पर समुचित गेहूं भंडारण की नितांत आवश्ययकता है।