-गंगनहर को भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक में तय शेयर के अनुरूप पानी की आपूर्ति अभी नहीं होने लगी है।
श्रीगंगानगर.
गंगनहर को भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक में तय शेयर के अनुरूप पानी की आपूर्ति अभी नहीं होने लगी है। बीबीएमबी की बैठक में गंगनहर का शेयर 1800 क्यूसेक तय हुआ था। इस बीच गंगनहर में 2500 क्यूसेक पानी दिए जाने की मांग पर अखिल भारतीय किसान सभा और किसान संघर्ष समिति का कलक्ट्रेट पर धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। किसान संगठनों की बुधवार को जिला कलक्टर से पुन: वार्ता हो सकती है।
बीबीएमबी की 15 जून की बैठक में गंगनहर के लिए पानी का जो शेयर तय हुआ था, वह अभी तक मिलना शुरू नहीं हुआ। मंंगलवार शाम छह बजे शिवपुर हैड पर 1340 क्यूसेक पानी की आपूर्ति हो रही थी। हालांकि किसान संगठनों के साथ सोमवार को हुई वार्ता में कलक्टर ने बुधवार तक 1850 क्यूसेक पानी की आपूर्ति करवाने का आश्वासन दिया था। इस बारे में कलक्टर से बात की गई तो उनका कहना था बुधवार तक पानी की स्थिति में सुधार हो जाएगा।
इस बार हालात अलग
किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुभाष सहगल का कहना है कि राजस्थान का शेयर जब भी 11000 या इससे अधिक निर्धारित हुआ है तब गंगनहर को 2000 क्यूसेक से कम पानी नहीं मिला। यह पहला मौका है जब राजस्थान का शेयर 11040 निर्धारित होने पर गंगनहर को 1850 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। सहगल ने बताया कि 2011 में शेयर 12000 था तब गंगनहर को 2500 क्यूसेक पानी मिला। वर्ष 2012 में शेयर 11500 था तब गंगनहर को 2000 क्यूसेक पानी मिला। इसी प्रकार वर्ष 2013 में शेयर 11000 क्यूसेक हुआ तो पानी 2000 क्यूसेक मिला।
क्षति पर उठा सवाल
किसान संगठन जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ओर से गंगनहर में पानी की क्षति के आंकड़ों से भी सहमत नहीं है। उनका कहना है कि गंगनहर के अधिकारी वर्तमान में पानी की क्षति 350 से 400 क्यूसेक बता रहे हैं जो सही नहीं। उनका कहना है कि 15 अक्टूबर 2007 को लिखे एक पत्र में गंगनहर के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता ने पानी की क्षति 61 क्यूसेक बताई थी। आज अधिकारी 350 से 400 क्यूसेक की क्षति बता रहे हैं तो उन्हें क्षति बढऩे का कारण भी बताना चाहिए।