राजस्थान में दिन भर छूटी कंपकंपी, मौसम का सबसे सर्द दिन

शनिवार को दिन का तापमान 2.2 डिसे.और रात्रि का तापमान 0.4 डिसे.की गिरावट आई है। कृषि अनुसंधान अधिकारी (शस्य)मिलिंद सिंह का कहना है कि गेहूं, जौ, बारानी चना व अन्य फसलों के लिए धुंध और मौसम में बढ़ती नमी फसलों के अनुकू ल है। सर्दी बढऩे से किन्नू की फल में मिठास बढ़ती जा रही है।
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Updated: 8 Jan 2017, 12:37 PM IST
weather falls down cold hits rajasthan
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श्रीगंगानगर

हिमाचल में बर्फबारी, हल्की धुंध और शीतलहर से क्षेत्र में ठिठुरन बढ़ गई। शुक्रवार रात्रि व शनिवार का दिन का मौसम का सबसे सर्द रहा। इलाके में कड़ाके की सर्दी से दिन भर लोगों की कंपकंपी छूटती रही। पूरा इलाका कड़ाके की सर्दी की चपेट में है। दिन का तापमान में 2.2 डिसे.और रात्रि के तापमान में 0.4 डिसे.की गिरावट दर्ज की गई। शीतलहर की वजह से सर्द हवाएं चलती रही, इससे ठिठुरन बढ़ गई। बादलवाही से दिन में सूर्य के दर्शन तक नहीं हुए। शीतलहर से हर कोई ठिठुरता रहा। दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। शुक्रवार रात्रि को हुई बूंदा-बांदी का असर भी मौसम पर दिखाई दिया।

सुबह हल्की धुंध,सर्द हवाएं चली- शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अल सुबह हल्की धुंध छाई रही। इससे परिवहन सेवाएं प्रभावित हुई। दिन भर सर्द हवाएं नश्तर से चुभाती रही। सर्दी से बचाव के लिए लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे और अलाव तापते देखे गए। सर्दी बढऩे से खानापान में भी बदलाव आया है। बाजार में गर्म व्यंजनों की मांग बढऩे लगी है। सर्दी की ठिठुरन से खांसी-जुखाम और निमोनिया के मरीजों में इजाफा हुआ है। घरेलू कामकाज पर असर पड़ा। दिन में धूप नहीं खिलने से गृहणियों को कपड़े सुखाने में परेशानी हुई। पार्कों में जहां रौनक रहती थी, वो सुनसान नजर आए। बदले मौसम में बाजारों में ग्राहकी भी प्रभावित हुई। लेकिन सर्दी बढऩे से गर्म कपड़ों की खरीदारी बढ़ी है। शाम को बाजार जल्दी बंद हो गए। एक दिन में2.2 डिसे.से पारा गिरा-मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह हवा में नमी 95 प्रतिशत और शाम को 82 प्रतिशत रही। शुक्रवार की तुलना में शनिवार को दिन का तापमान 2.2 डिसे.और रात्रि का तापमान 0.4 डिसे.की गिरावट आई है। कृषि अनुसंधान अधिकारी (शस्य)मिलिंद सिंह का कहना है कि गेहूं, जौ, बारानी चना व अन्य फसलों के लिए धुंध और मौसम में बढ़ती नमी फसलों के अनुकू ल है। सर्दी बढऩे से किन्नू की फल में मिठास बढ़ती जा रही है।

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