
श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में समेजा कोठी थाना क्षेत्र के चक 25 पीटीडी में करीब छह साल पहले हुए खेताराम हत्याकांड में
कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश विपिन कुमार ने मुख्य आरोपी रामलाल उर्फ रामू को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं, सह अभियुक्त मृतक की पत्नी सुलोचना को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
अपर लोक अभियोजक मोहनलाला बाना ने बताया कि घटना श्रीगंगानगर जिले में 10-11 सितंबर 2020 की है। मृतक खेताराम पुत्र आशूराम नायक निवासी 25 पीटीडी के पिता फूसाराम ने 11 सितंबर को समेजा कोठी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार खेताराम 10 सितंबर को अपने पुत्र और पत्नी को पीहर छोड़ने गया था। देर रात तक नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश की। अगले दिन उसका शव गांव के पास खेत में मिला।
फूसाराम ने गांव के रामलाल नायक पर हत्या का शक जताते हुए नामजद मामला दर्ज कराया। तत्कालीन थानाधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर एफएसएल टीम को बुलाया। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने रामलाल उर्फ रामू पुत्र मोमताराम नायक और सुलोचना को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
जांच में सामने आया कि सुलोचना का रामलाल के साथ करीब एक साल से प्रेम प्रसंग था। कॉल डिटेल में दोनों के बीच लंबी बातचीत के साक्ष्य मिले। पुलिस के अनुसार खेताराम को संबंधों का पता चलने पर उसने पत्नी को टोका और मारपीट की। इसके बाद सुलोचना ने रामलाल के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
10 सितंबर की शाम सुलोचना ने फोन कर रामलाल को खेताराम की लोकेशन बताई। इसके बाद रामलाल और खेताराम ने गांव के बाहर बैठकर शराब पी। रात करीब 9 से 10 बजे के बीच रामलाल ने साफा से खेताराम का गला घोंट दिया। शव 25 पीटीडी के पास सड़क किनारे मिट्टी के पास फेंककर फरार हो गया।