
Kargil viral girl apologizes Indian Army: लद्दाख के कारगिल स्थित मिनामार्ग चेकपोस्ट पर सुरक्षा बलों के साथ तीखी बहस करने के बाद सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आई युवती का अब नया बयान सामने आया है। मीडिया से बातचीत के दौरान युवती ने अपने व्यवहार पर गहरा अफसोस जताते हुए भारतीय सेना से बिना शर्त माफी मांगी है। युवती ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो अधूरा है और इसे गलत संदर्भ में पेश कर उसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
युवती ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि जो वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित हो रहा है, उसमें पूरी सच्चाई नहीं दिखाई गई है। यह घटना लगभग एक महीने पुरानी है, जिसे अब गलत तरीके से वायरल किया जा रहा है। इसमें कोई दोराय नहीं कि वीडियो में मैं गुस्से में चिल्लाती दिख रही हूं, लेकिन वह पूरी तरह से फ्रस्ट्रेशन का नतीजा था। मैं भारतीय सेना का दिल से सम्मान करती हूं और कभी सपने में भी ऐसा व्यवहार करने के बारे में नहीं सोच सकती। अगर मेरी बातों से हमारे देश के जवानों को ठेस पहुंची है, तो मैं बेहद शर्मिंदा हूं।
एनडीवी से घटना वाले दिन की स्थिति बताते हुए युवती ने खुलासा किया कि वह लद्दाख से दिल्ली के सफर पर निकल रही थी। रास्ते में किसी वीआईपी मूवमेंट की पूर्व जानकारी नहीं होने के कारण वे लोग सुबह से ही रास्ते में फंसे हुए थे। युवती के अनुसार, शुरुआती 3-4 घंटे बीत जाने के बाद जब उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद फौजी से पूछा, तो एक घंटे में रास्ता खुलने का आश्वासन मिला। हालांकि, इंतजार बढ़ते-बढ़ते 6 घंटे से अधिक हो गया। रास्ते में आगे चल रहे कुछ अन्य यात्रियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस छिड़ गई थी। स्थिति बिगड़ने पर युवती भी आगे पहुंची। युवती ने बताया कि एक मरीज (पेशेंट) होने के नाते इतने घंटों तक वॉशरूम और अन्य बुनियादी सुविधाओं के बिना फंसे रहने की वजह से वह आपा खो बैठी।
युवती ने आरोप लगाया कि केवल उनके आक्रोश और गुस्से वाले हिस्से को काटकर दिखाया गया, जबकि उनके परेशान होने के असली कारण को दबा दिया गया। टैक्सपेयर होने और आम जनता की दिक्कतों का हवाला देते हुए कही गई बातों को नकारात्मक रंग दे दिया गया। युवती का कहना है कि वह कोई पब्लिक फिगर या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नहीं हैं, और इस एकतरफा वायरल वीडियो के कारण उन्हें गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन से गुजरना पड़ रहा है।