
Amit Shah UCC Statement: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी के सहयोगी दल इसके लिए तैयार नहीं हैं तो फिर NDA शासित सभी राज्यों में UCC को कैसे लागू किया जाएगा।
अमित शाह ने रविवार को मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि केंद्र सरकार के नेतृत्व वाले NDA के तहत बीजेपी द्वारा शासित सभी 21 राज्यों में 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। इसके जवाब में उमर अब्दुल्ला ने सहयोगी दलों की भूमिका और उनकी सहमति को लेकर सवाल उठाया।
उमर अब्दुल्ला ने BRICS न्यू दिल्ली घोषणा पत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा और उसके उल्लेख की भी सराहना की। उन्होंने इसे भारत की विदेश नीति की महत्वपूर्ण सफलता बताया, खासकर इसलिए क्योंकि BRICS शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सहयोगी भी मौजूद थे। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पहलगाम हमले का नाम लेकर उल्लेख किया जाना अपने आप में भारत की विदेश नीति की सफलता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत सरकार और खासकर विदेश मंत्रालय को बात करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने उत्तरी मोर्चे की परिचालन स्थिति को लेकर रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) तथा भारत-पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव कम करने और सैनिकों की तैनाती घटाने वाला कोई भी कूटनीतिक या सैन्य कदम स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि LoC और LAC के करीब रहने वाले लोगों के लिए वहां रहना बेहद मुश्किल है। ऐसे में अगर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों की तैनाती कम करने से तनाव घटता है तो यह एक अच्छा कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समय के साथ LoC पर भी हालात बेहतर होंगे।
इससे पहले रविवार को मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा था कि केंद्र सरकार ने कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की है और उन्हें भरोसा है कि 2029 से पहले बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA द्वारा शासित सभी 21 राज्यों में इसे लागू कर दिया जाएगा। अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को स्थापित किया है और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।