Mundka Water Crisis: मुंडका विधायक गजेंद्र सिंह ड्राल ने विधानसभा में दूषित पानी का मुद्दा उठाया। कहा- रसूलपुर और जैन नगर में पानी से उल्टियां हो रही हैं। दिल्ली में 50 साल पुरानी पाइपलाइनें बनीं जी का जंजाल।
Mundka Water Crisis: दिल्ली विधानसभा के सत्र के दौरान मंगलवार को मुंडका से विधायक गजेंद्र सिंह ड्राल ने अपने क्षेत्र में पानी की किल्लत और दूषित आपूर्ति का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने सदन को बताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के कई वार्डों में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह इस्तेमाल के लायक तो दूर, छूने लायक भी नहीं है।
विधायक ड्राल ने सदन में जानकारी दी कि रसूलपुर, रानी खेड़ा, जैन नगर और मदनपुर जैसे इलाकों में जल बोर्ड की आपूर्ति है। उन्होंने कहा, 'पानी इतना दूषित है कि आप उसे इस्तेमाल करने के बारे में सोच भी नहीं सकते। बदबू इतनी भीषण है कि इससे उल्टियां होने लगती हैं। मैंने कल खुद इसकी जांच की और स्थिति वाकई चिंताजनक है।'
विधायक ने बुनियादी ढांचे की खामियों को उजागर करते हुए मंत्री प्रवेश साहिब सिंह से आग्रह किया कि जैन नगर में पानी की लाइन सीवर लाइन से 9 फीट नीचे है। इस वजह से लीकेज की मरम्मत करना लगभग असंभव हो गया है। उन्होंने कहा कि लगभग 26 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन को बदलने की जरूरत है, जिसके लिए वे कई बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मुंडका की यह समस्या दिल्ली के जर्जर बुनियादी ढांचे की एक बड़ी तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी के कई इलाकों में पानी और सीवर की पाइपलाइनें 50 साल से भी ज्यादा पुरानी हो चुकी हैं। बावजूद इसके, इन लाइनों को बदलने के लिए प्रशासन की ओर से अब तक कोई तय समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। वहीं एक आरटीआई के जवाब में खुलासा हुआ है कि 2021 से 2025 के बीच दिल्ली जल बोर्ड को दूषित पानी की 43 हजार से अधिक शिकायतें मिली हैं।
विधायक ने बताया कि पानी की कमी और गंदगी को लेकर लोग लगातार सोशल मीडिया और उनके कार्यालय आकर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। क्षेत्र में जरूरत से काफी कम पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्राथमिकता के आधार पर पुरानी पाइपलाइनों को बदला जाए ताकि जनता को इस 'जहरीले' पानी से निजात मिल सके।