Naxalites Surrender: नक्सलियों ने यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की 'नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025' और सुकमा पुलिस की 'नियदनेल्लानार' योजना से प्रेरित होकर किया।
Naxalites Surrender: सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। दक्षिण बस्तर डिवीजन के अंतर्गत सक्रिय 14 हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पितों में 5 महिला नक्सली भी शामिल हैं। इन सभी पर कुल 16 लाख रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में कई नक्सली संगठन के प्रमुख पदों पर रहे हैं।
नक्सलियों ने यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की 'नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025' और सुकमा पुलिस की 'नियदनेल्लानार' योजना से प्रेरित होकर किया। आत्मसमर्पित नक्सलियों में कुहरम भीमा, कटेकल्याण एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, इनामी रु 2 लाख, तेलाम हिड़मा, नागाराम आरपीसी अध्यक्ष, इनामी रु 2 लाख, माड़वी पोज्जे, पोड़ियाम आयते।
माड़वी मंगड़ी- प्लाटून 26 और आरपीसी की सक्रिय महिला सदस्याएं, सोड़ी सोना, मड़कम हुंगी, रवा लखे- विभिन्न पदों पर कार्यरत महिला नक्सली व गोंगे आयता, सोड़ी केसा, कुंजाम गंगा, (Naxalites Surrender) माड़वी मूका, माड़वी देवा उर्फ पाड़ा देवा, तेलाम पोज्जा शामिल हैं। इन सभी नक्सलियों ने एसपी किरण चव्हाण, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया।
Naxalites Surrender: सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार के आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति और नियद नेल्लानार योजना के तहत नक्सलियों ने सरेंडर किया है। बीहड़ जंगल के अंदरूनी क्षेत्रों में सुरक्षा कैम्प खुलने से नक्सलियों में दहशत है। मुठभेड़ में मारे जाने के डर से नक्सली सरेंडर कर रहे हैं।
सरकार की नई नीति के तहत सभी आत्मसमर्पितों को प्रत्येक को रु 50,000 की प्रोत्साहन राशि, वस्त्र, जरूरी सामग्री और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि इनका सामाजिक पुनर्वास भी सुनिश्चित किया जाएगा।