तेलंगाना और आंध्रा बॉर्डर से लगा किस्ताराम में नक्सली गतिविधि तेज, सुरक्षा बल सतर्क।
सुकमा . छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का गढ़ कहा जाने वाला इलाका किस्ताराम में दहशत माहौल बना हुआ है दरसल पुलिस कैंप ईलाके में बीते तीन रातों से रौशनी घूम रही है। यह रौशनी देर रात अचानक आ रही है, हालाँकि इसका समय भी बेहद कम अवधि का होता है। किस्ताराम में सीआरपीएफ, डीआरजी और कोबरा का कैंप है। जो थाना परिसर के साथ ही मौजुद है।
नक्सालियों के गढ़ ईलाके को ध्वस्त करने में इस कैंप की बेहद अहम भूमिका होती है और इसी वजह से यह बेहद संवेदनशील भी माना जाता है। किसी भी समय पाँच सौ से उपर जवान यहाँ मौजुद होते हैं। बीते तीन दिनों से इस कैंप के उपर अचानक रात को रौशनी मँडरा रही है।यह रौशनी बेहद कम देर के लिए रात के वक्त होती है।रात के वक्त आती यह रौशनी किसी उपकरण के ज़रिए पूरे कैंप पर घूमती है, लेकिन उसमें कोई आवाज नही आती है।
सुकमा कप्तान शलभ वर्मा का कहना है “ऐसी सुचना है, रात के समय बहुत थोड़े वक्त के लिए तीन दिनों से रौशनी घूमने की खबर है। ड्रोन की आशंका से इंकार नही है। हम पता करने की कवायद कर रहे हैं” ।
नक्सलियों की हो सकती है बड़ी तैयारी
आपको बता दें सुकमा का किस्ताराम बहुत ही संवेदनशील इलाका है। यह तेलंगाना और आंध्रा का बॉर्डर भी है। घोर घने जंगल के बीच मौजूद पुलिस कैंप में इस तरह की गतिविधियों का देखा जाना चिंता का विषय है। यह नक्सलियों की बड़ी प्लानिंग हो सकती है। ड्रोन और अन्य आधुनिक तरीके से स्थान का जायजा लेकर हमले की तैयारी करना भी हो सकता है।
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