जिले में नक्सली आंतक थमने का नाम नहीं ले रहा है। नक्सली आए दिन यहां जवानों को कुछ न कुछ नुकसान पहुंचाते रहते है। आगजनी जैसे घटनाओं को अंजाम देते है
सुकमा. जिले में नक्सली आंतक थमने का नाम नहीं ले रहा है। नक्सली आए दिन यहां जवानों को कुछ न कुछ नुकसान पहुंचाते रहते है। बीती रात भी नक्सलियों ने सर्चिंग से लौट पार्टी पर नक्सलियों ने छिपकर वार मुठभेड़ की जिसमें एक सीआपीएफ के 212वीं बटालिय के एक एएसआई की मौत हो गई है। इस मौत ने फिर एक बार सभी नक्सली मुठभेड़ की याद ताजा कर दी है। सुकमा एसपी अभिषेक मीणा एवं एएसपी शलभ सिंह ने घटना की पुष्टि कर दी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुकमा जिले के अतिसंवेदनशील इलाके में बसे किष्टारम थाने से शुक्रवार शाम नक्सल विरोधी अभियान के तहत सीआरपीएफ की 212वीं बटालियन पोलाड़ी कैंप की एक टुकड़ी सर्चिंग पर निकली थी। जिसमे देर रात गश्त वापसी के समय उनका सामना नक्सलियों से हो गया। जिसमें घात लगाए नक्सलियों का सामना पुलिस से हो गया। अचानक पुलिस ने नक्सलियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
जवानों ने दिया मुहतोड़ जवाब
जवानों को समझ आ गया कि, नक्सली हमारी रेकी कर उनके आने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही गोलियों की आवाज आई वे अपना मोर्चा सभांलते हुए नक्सलियों के इस कायराना करतूत का मुंह तोड़ जवाब दिया। इस मुठभेड़ में जवानों में शामिल सीआरपीएफ के एएसआई अनिल कुमार मोर्य शहीद हो गए है।
शहीद जवान के शव को गृह ग्राम ले जाने की तैयारी
बताया जा रहा है कि, सीआरपीएफ के एएसआई अनिल कुमार मोर्य उत्तरप्रदेश के अमेठी जिले में आने वाले गांव नरैनी के रहने वाले है। मुठभेड़ के तुरंत बाद वहां आसपास के इलाकों में सर्चिंग बढ़ा दी गई है ताकि नक्सलियों पर नकेल कसी जा सके। शहीद जवान के शव को गृह ग्राम ले जाने की तैयारी की जा रही है।
एएसपी एवं एसपी ने की पुष्टि
एसपी एवं एएसपी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि, नक्सल विरोधी अभियान के तहते शाम को पोलाड़ी कैंप से सीआरपीएफ की एक टुकड़ी वहां से निकली थी जिसमें नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में सीआरपीएफ के एएसआई अनिल कुमार मोर्य शहीद हो गए है। घटनास्थल के आसपास सर्चिंग बढ़ा दी गई है।