IED Recovery: सुरक्षाबलों ने सर्चिंग के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए 3 शक्तिशाली IED बम बरामद कर डिफ्यूज किए। समय रहते कार्रवाई से बड़ी साजिश नाकाम हो गई।
IED Recovery: सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों की एक गंभीर साजिश को विफल कर दिया। सर्चिंग अभियान के दौरान जवानों ने जगरगुंडा-नरसापुरम मार्ग पर लगाए गए तीन शक्तिशाली आईईडी बरामद किए, जिन्हें समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, 226वीं बटालियन के जवान नियमित सर्चिंग पर निकले थे।
इसी दौरान उन्हें सड़क किनारे संदिग्ध गतिविधि नजर आई, जिसके बाद तलाशी लेने पर तीन अलग-अलग स्थानों पर विस्फोटक उपकरण मिले। इन आईईडी का वजन क्रमशः 1 किलो, 2 किलो और 4 किलो था, जिन्हें सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लगाया गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ता, डीएसएमडी टीम और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया।
सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इन विस्फोटकों को वहीं सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद सर्चिंग टीम सुरक्षित वापस लौट आई। इस बरामदगी से साफ संकेत मिलते हैं कि इलाके में नक्सलियों की सक्रियता अब भी बनी हुई है। सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में सतर्कता और अभियान को और तेज कर दिया है, ताकि किसी भी संभावित हमले को समय रहते रोका जा सके।
IED Recovery: सुकमा और आसपास के इलाके छत्तीसगढ़ के सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गिने जाते हैं, जहां सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच लगातार मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन चलते रहते हैं। नक्सली अक्सर सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए सड़कों और जंगलों में आईईडी लगाते हैं, जो उनकी रणनीति का अहम हिस्सा होता है। पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षाबलों ने आधुनिक तकनीक, खुफिया जानकारी और संयुक्त अभियानों के जरिए कई बड़ी साजिशों को नाकाम किया है।
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की मदद से ऐसे विस्फोटकों को खोजकर नष्ट करना अब अभियानों का अहम हिस्सा बन गया है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का लक्ष्य निर्धारित समयसीमा के भीतर नक्सल प्रभाव को कम करना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना है। इसके लिए लगातार सर्चिंग ऑपरेशन, सड़क निर्माण और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।