Pulse Polio: राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत जिले के नक्सलगढ़ एलमागुण्डा में नौनिहालों को रविवार को पोलियो ड्रॉप की जगह आइस पैक का जेल पिलाने का मामला सामने आया है। बताया जाता हैँ कि इस ड्राप के पीने के कुछ देर बाद ही बच्चों की तबीयत खराब होने लगी।
Sukma News: राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत जिले के नक्सलगढ़ एलमागुण्डा में नौनिहालों को रविवार को पोलियो ड्रॉप की जगह आइस पैक का जेल पिलाने का मामला सामने आया है। बताया जाता हैँ कि इस ड्राप के पीने के कुछ देर बाद ही बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ को उल्टी भी होने लगी। इसके बाद पालक भागे-भागे ड्राप पिलाने वाली टीम के पास पहुंचने लगे। यह शिकायत सुनते ही मेडिकल टीम के हाथ पांव फूल गए। उन्होंने इसकी सूचना तत्काल ही बीएमओ कोंटा तक पहुंचाई। इसके बाद बीएमओ कार्यालय से चिकित्सक एलमागुंडा पहुंचे। सुकमा कलेक्टर एस. हरिस को इसकी जानकारी मिलते ही उन्होंने सीएमएचओ सुकमा को जांच और दोषियों क़े खिलाफ कार्रवाई क़े निर्देश दिए।
गहन निगरानी में दोबारा पिलाई खुराक
चिकित्सकों के पहुंचते तक इस कैँप में 40 से अधिक शिकायतें आ गई थीं। शुरुआती चेकअप के बाद इन सभी बच्चों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चिंतागुफा भेजा गया। यहां पर उनका स्वास्थ्य जांच कर सेनीटाइजेशन करवाने सहित स्वास्थ्य जांच कराई गई। इस मौके पर उक्त मेडिकल टीम द्वारा सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर इन बच्चों को गहन निगरानी में रखकर मंगलवार को पोलियो की खुराक पिलायी गई। साथ ही सम्बन्धित क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ता को बच्चों के स्वास्थ्य की गहन निगरानी रखे जाने को कहा गया।
क्या हैँ आइस पैक: पोलियो ड्राप को एक निश्चित तापमान पर रखा जाता है। इसके लिए एक थर्मस फ्लास्क जैसे बॉक्स का इस्तेमाल होता है। इस बॉक्स में जेल नुमा ठंडा तरल पदार्थ रहता है। इसमें पोलियो ड्राप ठंडा रहता हैँ। इन्हे दूरदराज ले जाने के लिए इसी आइस पैक का उपयोग होता है। अफसरों का अनुमान हैँ कि यह लापरवाही का मामला हैँ।