
नि:शुल्क प्रशिक्षण शिविर (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Sports Update: कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग, सुकमा द्वारा प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी 10 मई से 31 मई 2026 तक 22 दिवसीय जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेलकूद प्रशिक्षण शिविर 2026-27 का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में कराटे, बैडमिंटन, फुटबॉल, क्रिकेट एवं योगा जैसे खेलों में अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा खिलाड़ियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही खिलाडिय़ों को आवश्यक खेल सामग्री भी पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशिक्षण शिविर का आयोजन प्रतिदिन सुबह 06 बजे से 08 बजे तक तथा शाम 05 बजे से 06 बजे तक दो सत्रों में किया जाएगा। खिलाड़ियों के लिए सुबह के सत्र में चना-गुड़ और शाम के सत्र में ग्लूकोज की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है, जिससे उनकी ऊर्जा बनी रहे। विभाग ने बताया कि शिविर में 16 वर्ष से कम आयु वर्ग के खिलाड़ियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन कर सकें।
शिविर के तहत कराटे प्रशिक्षण बसंत जेना (उडिय़ा) द्वारा स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति केन्द्र सुकमा में दिया जाएगा। योगा प्रशिक्षण रामनारायण मिश्रा द्वारा लाईवलीहूड सेंटर में, क्रिकेट प्रशिक्षण आशुतोष सिंह (रायपुर) द्वारा, फुटबॉल प्रशिक्षण शिवेन्द्र ठाकूर द्वारा मिनी स्टेडियम सुकमा में कराया जाएगा। बैडङ्क्षमटन प्रशिक्षण धीरेन्द्र मांझी, मुकेश कश्यप एवं अर्जुन मरकाम द्वारा फॉरेस्ट इंडोर में दिया जाएगा।
नक्सल प्रभावित तर्रेम में खुला नया बैंक
साय सरकार के गठन के बाद बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के ग्राम तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा की नई शाखा का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ऑनलाइन जुड़े और शाखा का शुभारंभ किया। खास बात यह है कि पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में यह 31वीं नई बैंक शाखा है, जो दूरस्थ क्षेत्रों तक वित्तीय सेवाओं की पहुंच को दर्शाती है।
शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि नक्सल प्रभावित और दूर-दराज के इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। तर्रेम में बैंक खुलने से स्थानीय ग्रामीणों को अब छोटे-छोटे कामों के लिए भी लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय समावेशन को मजबूती मिलेगी और शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे, पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचेगा। उन्होंने बस्तर में हो रहे बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि जहां कभी बैंकिंग सुविधाएं नहीं थीं, वहां अब गांव-गांव तक बैंक पहुंच रहे हैं। यह बदलाव न केवल नक्सलमुक्ति की दिशा में अहम कदम है, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव भी रख रहा है।
Updated on:
08 May 2026 01:33 pm
Published on:
08 May 2026 01:32 pm
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