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Power Crisis: आंधी-तूफान का कहर! 50 से अधिक गांवों में 3 दिन से अंधेरा, दर्जनों पोल गिरे

Power Crisis: सुकमा जिले में आंधी-तूफान के बाद 50 से अधिक गांवों में पिछले 3 दिनों से बिजली ठप है। दर्जनों पोल गिरने से जनजीवन प्रभावित है और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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आंधी-तूफान का कहर (photo source- Patrika)

आंधी-तूफान का कहर (photo source- Patrika)

Power Crisis छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के चिंतलनार और चिंतागुफा क्षेत्र में बीते शनिवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज हवाओं और खराब मौसम के चलते बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। करीब एक दर्जन से ज्यादा बिजली के पोल टूटकर गिर गए, जिससे 50 से अधिक गांवों में पिछले तीन दिनों से अंधेरा छाया हुआ है। यह स्थिति न सिर्फ असुविधा, बल्कि ग्रामीणों के लिए चिंता और असुरक्षा का कारण भी बन गई है।

Sukma Power Crisis अंधेरे में डूबे गांव, ठप हुई दिनचर्या

बिजली आपूर्ति बंद होने का सीधा असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा है। पेयजल व्यवस्था बाधित हो गई है, क्योंकि कई जगह पानी की मोटरें बिजली पर निर्भर हैं। मोबाइल चार्ज न हो पाने से संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है, जिससे लोग अपने परिजनों और आवश्यक सेवाओं से कटे हुए महसूस कर रहे हैं। छोटे व्यवसाय, दुकानदार और दैनिक मजदूरी करने वाले लोग भी इस स्थिति से परेशान हैं, क्योंकि उनके कामकाज पर सीधा असर पड़ा है।

रात में बढ़ा डर और असुरक्षा का माहौल

गांवों में रात के समय पूरी तरह अंधेरा छा जाता है, जिससे लोगों में डर का माहौल है। खासकर दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो गई है। कई जगहों पर जंगली जानवरों के खतरे की आशंका भी बढ़ गई है, जिससे ग्रामीण रातभर सतर्क रहने को मजबूर हैं।

विभाग पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग को सूचना दे दी थी, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। उनका आरोप है कि बिजली बहाली का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है और उन्हें बार-बार आश्वासन ही मिल रहा है, ठोस कार्रवाई नहीं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली बहाली मानो “भगवान भरोसे” चल रही है। इस तरह की स्थिति में उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

विभाग का दावा—काम जारी, जल्द बहाली

वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेज आंधी-तूफान के कारण कई जगहों पर पोल और तार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिनकी मरम्मत का कार्य लगातार जारी है। विभाग का दावा है कि टीमों को मौके पर लगाया गया है और तेजी से काम किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार शाम तक सभी प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है।

Sukma Power Crisis हालांकि, ग्रामीणों को अब इस आश्वासन पर कितना भरोसा है, यह उनके बढ़ते आक्रोश से साफ झलक रहा है। सुकमा के इन इलाकों में आई यह समस्या सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा का परिणाम नहीं, बल्कि आपात स्थिति से निपटने की तैयारी और त्वरित कार्रवाई की परीक्षा भी है। जहां एक तरफ विभाग जल्द बहाली का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बिजली कब तक बहाल होती है और प्रशासन इस संकट से निपटने में कितना कारगर साबित होता है।

चिंतागुफा और चिंतलनार क्षेत्र में आंधी-तूफान के कारण कई विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। सुधार कार्य तेजी से किया जा रहा है। मंगलवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी— हिलोन ध्रुव, कार्यपालन अभियंता सीएसपीडीसीएल