
मौसम बदला, वज्रपात से युवक की मौत ( Photo - Patrika )
CG Weather Alert: प्रदेश में रविवार को मौसम ने खौफनाक करवट ली। खाड़ी क्षेत्र में बने कम दबाव के तंत्र और आंध्रप्रदेश के तटीय इलाकों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण प्रदेश के बड़े हिस्से में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल जनजीवन अस्त-व्यस्त किया, बल्कि कांकेर जिले में एक युवक और चार मवेशियों की जान भी ले ली। मौसम विभाग ने आगामी एक सप्ताह के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में और तबाही की आशंका बनी हुई है।
महासमुंद जिले में चक्रवाती हवाओं ने जमकर कहर ढाया। रायपुर मार्ग पर करीब 13 विशाल पेड़ उखड़कर गिर गए, जिससे पूरी रात यातायात ठप रहा। प्रशासन को जेसीबी मशीनों की मदद लेनी पड़ी। वहीं, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और कोरबा में तेज गर्जना के साथ हुई बारिश से तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन आकाशीय बिजली की कड़क ने दहशत पैदा कर दी।
कांकेर जिले के लिए रविवार की सुबह काल बनकर आई। पाखंजूर (सुभाष नगर) निवासी आशुतोष विश्वास अपने मक्के के खेत में पानी देने गए थे, तभी अचानक हुए वज्रपात की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी जिले के दुर्गूकोंदल अंतर्गत ग्राम डुवा में भी आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई। यहां तेज बारिश के दौरान पेड़ के नीचे खड़े चार मवेशियों (बैलों) की बिजली गिरने से मौत हो गई। मृत बैलों में तीन सोमसिंह कोर्राम और एक धनुराम पुडो का था। खेती-किसानी के मुख्य साधन छिन जाने से इन गरीब किसानों पर आर्थिक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सच्चिदानंद सरकार ने पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार मुआवजे का आश्वासन दिया है।
बेमौसम बारिश ने छत्तीसगढ़ के किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। प्रदेश के कई सरकारी खरीदी केंद्रों और खलिहानों में खुले में रखा लाखों का धान भीग गया है। तिरपाल की कमी के कारण धान सड़ने और 'सूखत' बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। राजनांदगांव और रायगढ़ में तेज हवाओं से आम की फसल (अमिया) झड़ गई है। इसके अलावा खेतों में तैयार गेहूं, तरबूज, खीरा और भिंडी जैसी नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
धमतरी में तड़के 5:45 बजे से आधे घंटे तक जोरदार बारिश हुई, जिससे मगरलोड ब्लॉक के कई गांव भीग गए। वहीं राजनांदगांव में सुबह 15 मिनट की बारिश के बाद अचानक निकली तेज धूप ने मौसम को और भी कष्टदायक बना दिया। उमस और गर्मी के मेल ने लोगों को बेहाल कर दिया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नमी के कारण अगले 3-4 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना बनी रहेगी। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि खराब मौसम के दौरान कोई भी व्यक्ति पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में न रहे। विशेष रूप से किसानों को सलाह दी गई है कि वे बिजली कड़कने के दौरान खेतों से हटकर सुरक्षित पक्के स्थानों पर शरण लें।
Updated on:
06 Apr 2026 01:29 pm
Published on:
06 Apr 2026 01:27 pm
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