
Sukma Naxal News: सुकमा जिले के चिंतागुफा थानाक्षेत्र पेंटापाड़ निवासी कलमू हिड़मा की नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में सोमवार रात हत्या कर दी। नक्सलियों ने घटनास्थल पर कोंटा एरिया कमेटी का पर्चा फेंका जिसमें कलमू हिड़मा को पार्टी व जनविरोधी बताया गया था। कलमू हिड़मा पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के छोटे ससूर थे।
मिली जानकारी के अनुसार पेंटापाड़ गांव में सोमवार रात कुछ नक्सली कलमू हिड़मा के घर पहुंचे। उन्होंने उन्हें घर से बाहर निकाला और धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी। नक्सलियों का आरोप था कि वे पुलिस की मुखबिरी करते थे और दूसरे प्रदेश में भाग गए थे। इधर जैसे ही प्रशासन ने कैंप स्थापित किया और सड़क बनाया वे वापस आ गए थे। उन पर कुछ ग्रामीणों की जमीन पर कब्जा करने का आरोप भी लगाया गया है।
हत्या से व्यथित पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने कहा कि कलमू हिड़मा निर्दोष है, जो आरोप लगाए गए हैं वो निराधार है। उनकी बेवजह हत्या कर दी गई। सभ्य समाज में हिंसा की कोई जगह नहीं है। आज उन इलाकों में फोर्स जा रही है और ग्रामीणों को तकलीफ नहीं हो रही है इसका अर्थ यह है कि ऐसी हरकतो के कारण जनता का मोहभंग हो रहा है। इस तरह का कृत्य निदंनीय है। एसपी किरण चौहान ने घटना की पुष्टि करते कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।
मनीष कुंजाम सीपीआई के नेता हैं। वह 1990 से 1998 तक सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। मनीष कुंजाम अपने क्षेत्र में काफी एक्टिव रहते हैं। वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। मनीष कुंजाम उस समय विधायक ने जब छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश से अलग नहीं हुआ था।