
सुकमा. जिला मुख्यालय का अंतर्राज्यीय बस स्टैंड इन दिनों नशाखोरों का अड्डा बन गया है। शाम ढलते ही यहां लोग बेखौफ होकर शराबखोरी करते देखे जा सकते हैं। पुलिसिया कार्रवाई नही होने से गांजा व शराब पीने वालों का यहां जमावाड़ा लगा रहता है।
विद्युत बोर्ड भी उखड़ कर लटके दिखते हैं
बस स्टैण्ड में पेयजल, शौचालय सहित मूलभूत सुविधाएं नदारद है। यहां पहुंचने वाले यात्रियों को शौचालय व बाथरूम के लिए भटकना रोज की बात है। बस स्टैंड परिसर में अंदर यात्रियों के सुविधाओं के ध्यान में रखते हुए एक दर्जन पंखे लगाये गये थे पर धीरे-धीरे कर सभी गायब कर दिए गए। अब यहां एक मात्र पंखा लटका दिखता है। विद्युत बोर्ड भी उखड़ कर लटके दिखते हैं। यात्रियों को मोबाइल चार्ज आदि करने में भी दिक्कत होती है। यही नहीं बस स्टैण्ड परिसर पर बुकिंग एजेंटों ने कब्जा कर रखा है। इस वजह से यात्रियों के लिए खड़े होने तक की जगह यहां नहीं है।
पेयजल की व्यवस्था नहीं, भटकते हैं यात्री
बस स्टैंड में यात्रियों के लिए पेयजल की भी सुविधा नहीं है। पानी के लिए भी दर-दर भटकना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण यात्रियों को होती है, जो पानी के लिए इधर-उधर भटकते दिखाई देते हैं। यात्रियों ने बताया कि बस स्टैंड परिसर में पानी की कोई सुविधा नहीं है। पानी के लिए होटलों का सहारा लेना पड़ता है या बोतल बंद पानी खरीदना मजबूरी है।
परिसर में डस्टबिन नहीं
शहर के स्वच्छता को लेकर नगर प्रशासन बिलकुल भी गंभीर नहीं है। यहां पर सैकड़ों यात्री बस स्टैंड में पहुंचते हैं और बस स्टैंड परिसर में कहीं भी डस्टबिन नहीं लगा है। यात्री कूड़ा जहां-तहां फेंकते रहते हैं जिससे गंदगी ज्यादा होती है। पान ठेलों के आस-पास पानी की निकासी नहीं होन से गंदा पानी जमा हो चुका है। गंदगी और पानी जमा होने के बाद भी नगरपालिका ने ब्लीचिंग पाउंडर का छिड़काव नहीं किया है।
परिसर में सुरक्षा के इंतजाम नहीं
बस स्टैड परिसर में सीसी टीवी नहीं होने से रात के समय सो रहे यात्रियों के सामान चोरी होने का खतरा बढ़ गया है। यात्री को रात के वक्त बसों के इंतजार करते हुए आंख लगती है यात्रियों के सामान चोरी होने की घटनाएं हो चुकी है। यात्री बाहर से होने के कारण अपने साथ हुए घटना की शिकायत भी पुलिस से नहीं कर पाते हैं। यात्रियों का कहना है, बस स्टैंड परिसर में सीसी टीवी लगा दिया जाता है तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
शौचालय बंद, महिलाएं परेशान
नगर पालिका के द्वारा शौचालय को मरम्मत कराने के नाम पर पांच दिन से बंद कर दिया गया है। शहर में कहीं भी सुलभ शौचालय नहीं होने से महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि शौचालय की मरम्मत करने से पहले दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था महिला यात्रियों को ध्यान में रखते हुए की जानी चाहिए थी।