इस बार हिंदूवादी नेता प्रवीण तोगड़िया कब आये और जब चले गए यह किसी को कानोकान खबर नहीं हुई।
सुलतानपुर. इस बार हिंदूवादी नेता प्रवीण तोगड़िया कब आये और जब चले गए यह किसी को कानोकान खबर नहीं हुई। एक वक्त वह भी था जब प्रवीण तोगड़िया जिले की सीमा में प्रवेश करते थे तो प्रशासन को हाईएलर्ट रहना पड़ता था और उनके पीछे जनता का हुजूम उमड़ पड़ता था, लेकिन इस बार नजारा बहुत बदला नजर आया। इस बार प्रवीण तोगड़िया जिले में आये भी और चले भी गए। वे कब आये और किसके यहां किस जगह और कब तक ठहरे, गुपचुप तरीके से चले गए लोग जान नहीं पाए। इतना ही नहीं जिले के जिन लोगों ने प्रवीण तोगड़िया से भेंट भी की वे कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। इसके पीछे के कारण का पता नहीं चल पाया है।
बताते हैं कि मंगलवार को नवगठित अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया अयोध्या प्रवास पर थे। उसी बीच जिले में उनके चाहने वालों को यह भनक लग गई कि वापसी में तोगड़िया इसी रास्ते से इलाहाबाद जाएंगे। बस फिर क्या था उनके ठहरने और किन किन लोगों से मुलाक़ात होनी है यह तय हुआ और उनके स्वागत व शिष्टाचार भेंट की तैयारियां की गई। बीती रात करीब 11 बजे प्रवीण तोगड़िया जिले में पहुंचे तो उन्हें नगर के बढायावीर मुहल्ले में अधिवक्ता अरविंद सिंह के यहां ले जाया गया। जहां उन्होंने जिले के हिंदीवादी कुछ नेताओं से भेंट की। बताया जाता है कि वे यहां करीब 20 मिनट ठहरे। वे यहां दो गिलास पानी औरएक कप चाय पी और अपने कुछ पुराने जमाने के साथियों से मन्त्रणा की।
सूत्र बताते हैं कि उन्होंने अपने साथियों से धैर्य रखकर कार्य करने का मंत्र दिया। उन्होंने अपने पुराने साथियों से कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि राम मंदिर बनाने के लिए कानून पास करें। अगर केंद्र में मोदी सरकार और प्रदेश में योगी सरकार के रहते हुए भी राम मंदिर नहीं बना तो यह हिंदुओं के साथ धोखा होगा और जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। तोगड़िया ने यह भी कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटा देना चाहिए क्योंकि यही समय हिन्दूओं के लिए अनुकूल है। बताया जाता है कि इसके बाद प्रवीण तोगड़िया इलाहाबाद के लिए रवाना हो गए।