फिलहाल सभी की नजरें सुल्तानपुर कोर्ट पर टिकी हुई हैं। जैसे ही फैसला आएगा, राजनीतिक दलों और समर्थकों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें बड़े राजनीतिक नेताओं के नाम जुड़े हुए हैं और इसका सीधा संबंध चुनावी बयानबाजी से है।