कहते हैं जहां चाह -वहां राह और इस वाक्य को सच कर दिखाया है बेंगलुरु के हुद्दी गांव के एसएच मंजूनाथ और उनके 17 रामभक्त साथियों ने।
सुलतानपुर. कहते हैं "जहां चाह -वहां राह" और इस वाक्य को सच कर दिखाया है बेंगलुरु के हुद्दी गांव के एसएच मंजूनाथ और उनके 17 रामभक्त साथियों ने। बेंगलुरु के सुदूर गांव हुद्दी गांव के रामभक्त एसएच मंजूनाथ और उनके 17 साथियों ने संकल्प लिया था कि रामनगरी अयोध्या पहुंच कर रामलला का दर्शन कर मन्दिर निर्माण के लिए ईँट सौंपेगे और उसी संकल्प को पूरा करने के लिए बेंगलुरु के 18 रामभक्त अयोध्या में दर्शन और मंदिर निर्माण में ईट पहुंचाने को एक जत्था दक्षिण भारत से पद यात्रा करते हुए शाम अमेठी के रास्ते सुलतानपुर मार्ग पर पहुंचा। जिले की सीमा के गांव टिकरी पहुंचते ही ग्रामीणों ने विजय तिलक करते हुए पदयात्री भक्तों का जोरदार स्वागत किया।
बेंगलुरु के हुडी गांव के एचएस मंजूनाथ के नेतृत्व में 17 भक्तों का जत्था 16 अगस्त 2019 से भगवान श्रीराम लिखी ईट लेकर पैदल यात्रा करते हुए भगवान श्रीराम व भक्त हनुमान की रथ में मूर्ति के साथ जयकारे लगाते हुए चल रहे हैं। गुरुवार शाम अमेठी सुलतानपुर मार्ग पर बन्दोईया, श्री का पुरवा, नौगिरवा, टिकरी पहुंचे। यहां गांव की महिलाओं व पुरुषों ने विजय तिलक कर इनका स्वागत किया।
उन्होंने बताया कि 2000 किलोमीटर की पदयात्रा में 1900 किलोमीटर की पैदलयात्रा पूरी हो गई है। अब 100 किलोमीटर की यात्रा और शेष है। हम सबका उद्देश्य भगवान राम चन्द्र की जन्मस्थली पहुंचकर रामलला का दर्शन करना व मन्दिर में दक्षिण भारत की दो ईट सौंपना है। बेंगलुरु के ही कन्नड़, तमिल और मलयालम 50 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके केडी वेंकटेश व इनके साथ मन्जैया चावड़ी, एचआर मंजूनाथ, अंजी, रक्षित और रथ चला रहे मुनि कृष्णा के साथ जयम्मा, शोभा लोकेश,हरीश, तेलंगाना से वीर आनन्दिया हैदराबाद से पन्द्राचारी भी साथ हैं।