
सूरजपुर. भैयाथान तहसील अंतर्गत ग्राम शिवप्रसादनगर के एक किसान ने खेती के लिए आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सोनपुर से 24 हजार रुपए का ऋण लिया था। जब पैदावार हुई तो उसने धान बेचा। इस दौरान समिति प्रबंधन द्वारा उसके खाते से ब्याज सहित 27 हजार 127 रुपए काट लिए गए।
इसी बीच 15 दिन पूर्व समिति द्वारा डिफॉल्टर किसानों की लिस्ट निकाली गई। इसमें 171वें नंबर पर किसान का नाम अंकित था। यह देखकर किसान के होश उड़ गए। वह गुरुवार को सूरजपुर कलक्टर के पास शिकायत लेकर पहुंचा। किसान का कहना है कि यदि डिफॉल्टर की सूची से उसका नाम नहीं हटाया गया तो वह आत्महत्या कर लेगा।
मेरी साख पर लग रहा बट्टा
पत्रिका से बातचीत के दौरान पीडि़त किसान रामनाथ साहू ने बताया कि कृषि कार्य हेतु उसने 24 हजार का कर्ज लिया था। उसके एवज में जब उसने 92 बोरी धान सहकारी समिति में बेचा तो उससे कर्ज अदायगी की बात कही गई। दिसंबर 2017 में उसके एकाउंट में जब धान के रुपए आए तो ब्याज सहित 27 हजार 127 रुपए काट लिए गए।
इस दौरान उसे अधिकारियों ने बताया कि पूरा कर्ज पट चुका है। उसने बताया कि काटी गई राशि केसीसी खाते में ऑफलाइन जमा भी है लेकिन सेवा सहकारी समिति सोनपुर, बंजा के अधिकारियों की हठधर्मिता और लापरवाही से उसका कर्ज अभी भी उसके खाते में दिख रहा है। इतना ही नहीं समिति प्रबंधक द्वारा उसे डिफाल्टर की सूची में डालकर उसकी शाख पर धब्बा लगा दिया गया है। उसने बताया कि 15 दिन पूर्व ही यह सूची जारी की गई है।
इसमें उसका नाम 171वें नंबर पर अंकित है। कर्ज पटाने के बावजूद कर्जदार की लिस्ट में नाम होने से किसान व उसका परिवार परेशान है। किसान का कहना है कि डिफॉल्टर की लिस्ट में नाम होने से उसी साख पर बट्टा लग रहा है। यदि उसका नाम डिफॉल्टर की सूची से नहीं हटाया गया तो वह आत्महत्या कर लेगा।
कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
कर्ज की अदायगी के बाद भी डिफॉल्टर सूची में नाम आने से परेशान सोनपुर शिवप्रसाद नगर के किसान ने अपनी परेशानी को लेकर जिले के कलेक्टर केसी देवसेनापति से भी मुलाकात की। किसान ने उन्हें पूरी समस्या से अवगत कराते हुए अपने साथ हुए अन्याय की जांच कर न्याय की मांग की है।