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Surajpur Murder Case: मां से झगड़ते देख पिता की कर दी थी हत्या, कोर्ट ने बेटे को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

Surajpur Father murder case: पिता की हत्या के दोषी पुत्र को सूरजपुर सत्र न्यायालय ने दी सजा, नवंबर 2024 में शराब के नशे में धुत होकर पत्नी से कर रहा था गाली-गलौज, बेटे ने देखा तो टांगी से कर दिया प्रहार
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Son murdered father by axe

Surajpur murder case, सूरजपुर कोर्ट और आरोपी भुवन पैंकरा (Photo- Patrika)

सूरजपुर। नवंबर 2024 में सूरजपुर जिले के चेंद्रा चौकी अंतर्गत एक युवक ने अपने पिता की टांगी मारकर हत्या (Father murder) कर दी थी। पिता शराब के नशे में उसकी मां से गाली-गलौज और विवाद कर रहा था। इसी बीच बेटा गुस्से में आ गया और पिता पर टांगी से प्रहार कर दिया था। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई सूरजुपर कोर्ट में चल रही थी। ११ अगस्त को इस पर फैसला आया। सत्र न्यायालय पिता की हत्या के एक मामले में दोषसिद्ध पाए जाने पर आरोपी भुवन पैकरा को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास और 5000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

यह मामला सूरजपुर जिले के चेन्द्रा चौकी अंतर्गत ग्राम रैसरी का है। यहा रहने वाला खेमसाय पैकरा 15 नवंबर 2024 को शराब के नशे में घर पहुंचा और अपनी पत्नी सुशीला पैकरा से गाली-गलौज व विवाद (Dispute from wife) करने लगा। इसी दौरान दोपहर करीब 2 बजे उसका पुत्र भुवन पैंकरा घर पहुंचा और पिता को मां से झगड़ा करते देख कहा कि आए दिन विवाद करते हो।

ऐसा कहकर उसने अपने पिता खेमसाय पर टांगी से हमला कर दिया। इससे खेमसाय की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना पर प्रार्थी मनराखन पैकरा की रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

प्रकरण की विवेचना तत्कालीन चौकी प्रभारी एएसआई लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता द्वारा की गई। पुलिस ने 16 नवंबर 2024 को आरोपी भुवन पैंकरा को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त टांगी (Murder from axe) जब्त किया तथा आवश्यक साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

Surajpur Court News: 5 हजार का अर्थदंड भी

मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश थॉमस एक्का के न्यायालय (Surajpur court decision) में हुई। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक राजू दास ने पैरवी की। उपलब्ध साक्ष्यों एवं प्रकरण की परिस्थितियों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं 5000 अर्थदंड से दंडित किया। उत्कृष्ट विवेचना और पुख्ता साक्ष्य संकलन के लिए पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल ने विवेचक लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता,

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