
Railway News, दिल्ली ट्रेन स्टॉपेेज की मांग को लेकर प्रदर्शन करते लोग (Photo- Patrika)
विश्रामपुर। अंबिकापुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस के बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन (Bishsrampur Railway Station) में ठहराव की मांग को लेकर शनिवार को रेल संघर्ष समिति के नेतृत्व में आंदोलन का आगाज किया गया। रेलवे स्टेशन परिसर में विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरने के बाद स्टेशन मास्टर को मंडल रेल प्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के नाम ज्ञापन सौंपकर ट्रेन क्रमांक 22407-22408 के बिश्रामपुर में ठहराव की मांग की गई। धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं गांधीवादी तरीके से आयोजित किया गया, लेकिन वक्ताओं के तेवरों में मांग को लेकर स्पष्ट आक्रोश नजर आया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों से क्षेत्र की जनता अंबिकापुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस (Ambikapur-Hazarat Nizamuddin Express) के ठहराव की मांग कर रही है, लेकिन अब तक रेलवे प्रशासन द्वारा इस दिशा में ठोस पहल नहीं की गई। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि मांग की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक करते हुए उग्र आंदोलन किया जाएगा। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अजय गोयल समेत वक्ताओं ने कहा कि विश्रामपुर महज एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण कोयला नगरी है।
यहां एसईसीएल से जुड़े हजारों अधिकारी-कर्मचारी और श्रमिक निवास करते हैं। विश्रामपुर से रेल मार्ग के जरिए देशभर के विद्युत तापघरों तक कोयले की आपूर्ति होती है। इसके बावजूद दिल्ली और उत्तर भारत के लिए महत्वपूर्ण अंबिकापुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस का यहां ठहराव नहीं होना क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है।
बीएमएस नेता सुजीत सिंह, एटक नेता पंकज गर्ग, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश यादव, कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन, दीप्ति स्वाईं, रचना सिंह व अधिवक्ता प्रदीप गर्ग सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि अंबिकापुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस सरगुजा अंचल के यात्रियों के लिए दिल्ली और उत्तर भारत की सीधी यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। विश्रामपुर में ठहराव (Train stopage) नहीं होने के कारण यात्रियों को अंबिकापुर या अन्य स्टेशन तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ता है।
वक्ताओं ने कहा कि सरगुजा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। विश्रामपुर के आसपास दर्जनों गांव हैं, जहां बड़ी संख्या में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार निवास करते हैं। दिल्ली की यात्रा के लिए उनके पास यह ट्रेन सबसे सुविधाजनक विकल्प है। विश्रामपुर में ठहराव होने से क्षेत्र के यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ रेलवे को भी अतिरिक्त यात्री और राजस्व प्राप्त होगा।
ज्ञापन में अंबिकापुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस का बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन पर ठहराव तत्काल स्वीकृत करने की मांग की गई है। साथ ही आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर आदेश जारी करने तथा निर्णय होने तक इस मांग पर रेलवे प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी रेल संघर्ष समिति (Rail Sangharsh Samiti) को उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
रेल संघर्ष समिति ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित से जुड़ा नहीं है, बल्कि संपूर्ण सरगुजा अंचल और बिश्रामपुर क्षेत्र की वर्षों पुरानी जनभावना एवं जनहित से जुड़ा विषय है। समिति ने रेलवे प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उचित समयावधि में ठहराव को लेकर निर्णय नहीं लिया गया तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी।
धरना प्रदर्शन के दौरान उपस्थित लोगों ने अंबिकापुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस के बिश्रामपुर में ठहराव की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने कहा कि बिश्रामपुर की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्षेत्र की जनता को उसका अधिकार मिलना चाहिए और रेलवे प्रशासन को जनभावना को देखते हुए तत्काल ट्रेन का ठहराव देना चाहिए।
धरने का संचालन कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अधिवक्ता प्रदीप गर्ग ने किया। इस दौरान वरिष्ठ नागरिक सतपाल तायल, सज्जन अग्रवाल, राजेंद्र प्रकाश, दलजीत सिंह, केबी सिंह, अशोक गुप्ता, वेदप्रकाश मिश्रा, गगनदीप सिंह बग्गा, गोपाल विद्रोही, विनय पांडेय, रामलाल सोनी, सुनील जैन, दुर्गा गुप्ता, राजेश जैन, अशोक जिंदल, जतिन तायल,
धनवीर सिंह खेड़ा, मोंटी खेड़ा, हनुमान राही, प्रेमजीत सिंह, सजल मित्रा, शंकर यादव, धर्मेंद्र सिंह डीके, लखनलाल कुर्रे, राहुल सिंघल, संजय चौधरी, प्रिंस प्रसाद, वीरेश सिंह, अविनाश शहवाल, शाहरुख खान, विजय शर्मा, विवेक जायसवाल, पार्षद मनी बग्गा, मंजू गोयल, प्रमिला साहू, पूर्णिमा डे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
Updated on:
09 Aug 2026 04:45 pm
Published on:
09 Aug 2026 04:45 pm
