Fraud in the name of police job: पुलिस की चल रही भर्ती प्रक्रिया के दौरान गांव में आकर आरोपी ने कहा था कि जिसे भी पुलिस बनना है वह उससे संपर्क करे, 2 युवकों ने कुल दिए थे 2 लाख 80 हजार रुपए
जयनगर. Fraud in the name of police job: पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल 5 साल पूर्व पुलिस भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी, इस दौरान आरोपी गांव में आया और पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। झांसे में आकर 2 युवकों ने उससे संपर्क किया और दोनों ने उसे 2 लाख 80 हजार रुपए दिए। भर्ती प्रक्रिया खत्म होने के बाद उनका नाम लिस्ट में नहीं आया तो उन्होंने आरोपी से रुपयों की मांग की। कुछ रुपए लौटाने के बाद उसने उन्हें चेक दिया, जो बाउंस हो गया था। ठगे गए युवाओं की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया।
इस संबंध में सूरजपुर जिले के जयनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लटोरी चौकी पुलिस ने बताया कि वर्ष 2017-18 में पुलिस भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी। पुलिस भर्ती हेतु ग्राम पंचायत छत्तरपुर निवासी प्रार्थी दलगर राम पिता सनुप राम व आशा राम पिता नन्दू राम द्वारा भी आवेदन जमा किया गया था।
इसी बीच अंबिकापुर बौरीपारा निवासी 45 वर्षीय अरविंद पाण्डेय पिता स्व. अगस्त पाण्डेय गांव में आया और बोला कि जो भी पुलिस प्रक्रिया में भर्ती करवाना चाहते हैं, वे संपर्क करें। जिस पर प्रार्थी दलगर राम व आशा राम द्वारा पुलिस में भर्ती होने की इच्छा जताई गई।
इसके पश्चात प्रार्थी दलगर ने डेढ़ लाख रुपए व आशा राम ने 1.30 लाख रुपए आरोपी अरविंद पाण्डेय के झांसे में आकर दिया था। भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद प्रार्थियों की भर्ती नहीं होने पर जब अपने राशि वापस मांगी गई, तब आरोपी द्वारा दलगर को 45 हजार रुपए व आशा राम को 20 हजार रुपए वापस किया।
चेक भी हो गया बाउंस
आरोपी ने दोनों युवकों को बाकी रुपए लौटाने 2 लाख 15 हजार रुपए का चेक दिया था, लेकिन चेक भी बाउंस हो गया था। इसपर प्रार्थी दलगर राम द्वारा मामले की शिकायत चौकी में दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा आरोपी अरविंद पाण्डेय को धारा 420 के तहत मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर आज न्यायालय पेश कर दिया है।
कार्रवाई में ये रहे शामिल
कार्रवाई में लटोरी चौकी प्रभारी धनंजय पाठक, सहायक उपनिरीक्षक अरविंद प्रसाद, आरक्षक अंबिका मरावी, नन्दकिशोर राजवाड़े, शोभनाथ कुशवाहा, महिला आरक्षक मुनेश्वरी पैकरा सक्रिय रहे।