
रामानुजनगर। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत भुवनेश्वरपुर स्थित प्री-मैट्रिक छात्रावास की छात्राओं ने छात्रावास अधीक्षिका को हटाने की मांग को लेकर सडक़ पर बैठ (Protest by Girl students) गईं। छात्राओं ने अधीक्षिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। छात्राओं ने कहा कि हॉस्टल में उन्हें दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराई जाती। उन्हें न तो मेन्यू के अनुसार खाना मिलता है और न ही कपड़े धोने और नहाने के लिए पर्याप्त सर्फ और साबुन। इस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे ओर छात्राओं को समझाइश दी। अंत में छात्रावास अधीक्षिका को हटाए जाने के सहायक संचालक के आश्वासन के बाद छात्राओं ने आंदोलन समाप्त कर दिया।
छात्राओं ने छात्रावास अधीक्षिका अनुपा लकड़ा को हटाने (Remove to Hostel Superintendent) की मांग को लेकर सडक़ पर बैठकर विरोध जताया। छात्राओं का कहना था कि उनकी समस्याओं की ओर लगातार ध्यान नहीं दिया जा रहा था, इस वजह से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। बता दें कि अधीक्षिका अनुपा लकड़ा का मूल पद शिक्षक है।
वह ओडग़ी के मिडिल स्कूल उमझल में पदस्थ है, फिलहाल उन्हें भुवनेश्वरपुर प्री-मैट्रिक छात्रावास में अधीक्षिका की जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है कि ओडग़ी जनपद की उपाध्यक्ष सुधा देवी तिवारी द्वारा पूर्व में भी उक्त शिक्षिका को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजने के संबंध में कई बार पत्र लिखा गया है, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
छात्राओं के आंदोलन की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। इसके बाद मौके पर थाना प्रभारी विराट वीसी, तहसीलदार मनहरण सिंह राठिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक संचालक ने छात्राओं से बातचीत की तथा कहा कि शाम तक अधीक्षिका को हटा दिया जाएगा। सहायक संचालक के बाद छात्राओं ने अपना आंदोलन (Protest end by girls) समाप्त कर दिया। छात्राओं ने कहा कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार चाहिए।