Goat eye: खोपा धाम में बकरा चढ़ाने के बाद उसका सिर साथियों के साथ लेकर आ गया था ग्रामीण, साथी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन नहीं बच पाई जान
सूरजपुर. Goat eye: एक बकरे की आंख किसी मनुष्य की जान कैसे ले सकता है? लेकिन सूरजपुर जिले में एक ग्रामीण के साथ ऐसी ही घटना घटित हुई और बकरे की आंख के चक्कर में उसकी जान चली गई। दरअसल ग्रामीण गांव के कुछ लोगों के साथ मन्नत का बकरा चढ़ाने खोपा धाम गया था। यहां से वह बकरे का सिर लेकर आ गया। यहां बकरे की आंख को वह खाने लगा। इसी दौरान गले में आंख अटक जाने से वह तड़पने लगा। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई।
जिला मुख्यालय सूरजपुर से लगे ग्राम पर्री में रविवार शाम यह घटना घटित हुई। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मदनपुर निवासी 50 वर्षीय बागर साय रविवार को गांव के अपने अन्य साथियों के साथ प्रसिद्ध खोपा धाम गया था। यहां मन्नत में बकरे की बलि दी गई।
इसके बाद बागर साय अपने साथियों के साथ बकरे का सिर जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम पर्री में खाने के लिए ले आए। यहां उन्होंने बकरे का सिर बनाया और खाने लगे। खाने के दौरान बागरसाय बकरा का आंख बड़े चाव से खा ही रहा था कि अचानक आंख उसके गले में फंस गया, इसके बाद वह तड़पने लगा।
अस्पताल में हो गई मौत
बागर साय को तड़पता देख वहां मौजूद उसके अन्य साथियों द्वारा आनन-फानन में उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। अस्पताल में त्वरित उपचार नहीं मिल पाने के कारण तड़प रहे बागरसाय की मौत हो गई। यह खबर जब उसके परिजनों को लगी तो वे अस्पताल पहुंचे। ग्रामीण की मौत से परिजनों में मातम पसर गया है।