Goods train derail: सूरजपुर-परसा रेलवे ट्रैक पर अलसुबह हुआ हादसा, सूचना मिलते ही रेलवे के कैरेज एवं वैगन विभाग की टीम मौके पर पहुंची
रामानुजनगर। परसा खदान से कोयला परिवहन के लिए अडानी कंपनी द्वारा निर्मित कराए गए रेलवे ट्रैक पर शुक्रवार की तडक़े बड़ा हादसा हो गया। सूरजपुर स्टेशन से सप्लाई किए गए एमटी (खाली) रैक के 7 डिब्बे सुबह करीब 3 बजकर 5 मिनट पर पटरी से उतर (Goods train derail) गए। इससे मार्ग पर रेल यातायात बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के कैरेज एवं वैगन विभाग का स्टाफ मौके पर पहुंचा और सुधार कार्य शुरू कर दिया। हादसे के कारण ट्रैक पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
कोयला लोडिंग के लिए पॉवर इंजन एन बॉक्स 962 को लेकर परसा खदान जा रही थी। इसी बीच रामानुजनगर के पास रैक के 7 डिब्बे धड़धड़ाते हुए बेपटरी होकर दुर्घटनाग्रस्त (Goods train derail) हो गए। घटना की सूचना पर रेलवे कंट्रोलर के निर्देश पर सी एंड डब्लू स्टॉफ टावर कार सहित मशीनी उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच सुधार कार्य चलाया है।
देर शाम तक तक ट्रैक बहाली का कार्य जारी था। रेल सूत्रों के अनुसार शुक्रवार देर रात तक मार्ग को दुरुस्त कर परिचालन बहाल किए जाने की संभावना है। हादसे (Goods train derail) के कारणों की जांच की जा रही है। घटना में रेल प्रबंधन को कितना और क्या नुकसान हुआ है यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
बताया जा रहा है कि जहां रेलवे ट्रैक में दरार (क्रैक) आने के कारण पटरी टूट गई थी। इसी वजह से यह दुर्घटना हुई। राहत की बात यह रही कि इस घटना (Goods train derail) में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां से महज 3 मीटर की दूरी पर मुख्य सडक़ है। यदि डिब्बे नीचे की ओर गिर जाते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैक निरीक्षण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही (Goods train derail) कैसे हुई और समय रहते ट्रैक की खराबी का पता क्यों नहीं चल सका? फिलहाल मरम्मत कार्य जारी है।