Lockdown Surajpur: बिना मास्क (Without mask) पहनकर घूम रहे 8 लोगों के खिलाफ भी की गई चालानी कार्रवाई, कंटेनमेंट जोन (Containment zone) की स्थिति का जायजा लेने भ्रमण पर निकले कलेक्टर (Surajpur Collector), नियमों का पालन करने की अपील
सूरजपुर. लॉकडाउन (Total lockdown) के पहले दिन सूरजपुर जिले की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। प्रशासन व पुलिस की टीम कंटेनमेंट का पालन कराने मुस्तैदी से जुटा रहा। इस दौरान बिना मास्क के घूम रहे 8 लोगों पर जुर्माने की कार्यवाही की गई व एक दवाई दुकान (Medical shop) को सील किया गया है।
कलेक्टर रणवीर शर्मा(Surajpur Collector) स्वयं पुलिस व प्रशासनिक अमलों के साथ स्थिति का जायजा लेने भ्रमण पर निकले थे, इस दौरान उन्होंने बिना मास्क के घूम रहे लोगों को उन्होंने समझाइश दी।
कोरोना (Covid-19) के तेजी से बढ़ते प्रकोप को लेकर जिला प्रशासन ने संपूर्ण क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। मंगलवार से जिला पूरी तरह लॉक है जिसके पहले दिन सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
जरूरतमंद लोग ही आवाजाही कर रहे थे, इस बीच कई अनावश्यक लोग भी तफरी करने शहर में निकले थे जिनको पुलिस व प्रशासन के लोग समझाइश देकर वापस भेजा। ऐसे लोग जरूरी का बहाना बनाकर पुलिस को बरगलाने का भी प्रयास करते रहे।
जिला प्रशासन (Surajpur Collector) ने कंटेनमेंट जोन का पूरी तरह से पालन करने लोगों से अपील की है ताकि तेजी से पांव पसार रहे कोरोना संकट से उबरा जा सके। पुलिस व प्रशासनिक अमला इसका पालन कराने पूरे दिन सड़क पर घूमते नजर आए। हालांकि पुलिस को थोड़ी और कड़ाई बरतने की जरूरत है। खासकर ऐसे लोगों पर जो लोग दुकान पिछली दरवाजे से चला रहे हैं।
बिना मास्क दवा बेच रहा था मेडिकल संचालक
लाकडाउन (Total lockdown) के दौरान मेडिकल दुकान को खोलन की छूट है लेकिन सूरजपुर के नवापारा मोहल्ले में एक मेडिकल दुकान को सील कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि दुकान संचालक बिना मास्क लगाएं दुकान का संचालन कर रहा था। इसी प्रकार 8 अन्य लोगों पर भी चालान की कार्रवाई की गई है।
पिछले दरवाजे से दुकानदारी
कुछ आदतन लोग थोड़ी कमाई के चक्कर में अपनी दुकानदारी पिछले दरवाजे से चला रहे हैं। लाकडॉउन लगने के बाद सड़क ही नहीं शासकीय कार्यालय, चौक चौराहे, पार्क, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सभी जगह सन्नाटा पसरा रहा।
गली-मोहल्ले तक की दुकानें बंद है। कोरोना की जो रिपोर्ट सामने आ रही है उसमें ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी सख्ती बरतने की आवश्यकता है।