सुरजपुर

3 गांव के लोग विरोध में उतरे सड़क पर, हुई तनातनी, 3 घंटे तक बंद रहा ये मार्ग

महान-2 व महान-3 खदान के विरोध में किया प्रदर्शन, तहसीलदार के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आंदोलन

3 min read
Villagers protest

केरता. महान-2 व महान-3 खदान के विरोध में सोमवार को तीन गांव के ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर पंपापुर में बैंक के पास चक्काजाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं पंपापुर चौक पर एसईसीएल के समर्थन में महान-3 माइंस में नौकरी पाए लोग धरने पर बैठे थे, इससे समर्थकों व प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी की स्थिति निर्मित हो गई।

मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारियों ने किसी तरह समझाइश देकर मामला शांत कराया। करीब 3 घंटे तक अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर प्रदर्शन करने के बाद ग्रामीण खदान मार्ग पर जाकर बैठ गए। शाम लगभग 5 बजे तहसीलदार ने उन्हें मांगों पर उचित पहल करने का आश्वासन देते हुए समझाइश दी तब प्रदर्शन समाप्त हुआ।

ये भी पढ़ें

अगर आपकी बिटिया ने इस तिथि के बाद जन्म लिया है तो इस योजना के तहत मिलेंगे 1 लाख रुपए

ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सूरजपुर व बलरामपुर जिले के कलक्टर हमारी मांगों पर उचित पहल नहीं करते हैं, हम महान तीन माइंस के लिए जमीन नहीं देंगे। .30 घंटे तक महान-२ खदान के बंद होने से एसईसीएल को लाखों का नुकसान हुआ।

एसईसीएल के महान तीन परियोजना को निरस्त करने व महान दो परियोजना को बंद करने की मांग को लेकर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार की सुबह लगभग 11.30 बजे मदननगर, जगन्नाथपुर व चौरा के बड़ी संख्या में ग्रामीण पंपापुर चौक पर चक्काजाम करने पहुंचे, लेकिन यहां पहले से ही महान तीन परियोजना में नौकरी पाए 51 लोग एसईसीएल के समर्थन में धरने पर बैठे थे।

इससे दोनों पक्ष के लोगों के बीच तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, नौकरी पाए लोगों का कहना था कि हमने अपनी मर्जी से एसईसीएल को भूमि दी है तथा यह खदान खुलनी चाहिए। वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि प्रबंधन ने गुमराह कर बिना ग्राम सभा के प्रस्ताव के ही जमीन ले ली है। काफी बहस होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पंपापुर बैंक के पास चक्काजाम कर दिया।

इससे अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसकी सूचना मिलने पर तहसीलदार जेपी तिवारी, एसडीओपी शुक्ला, नायब तहसीलदार बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इधर ग्रामीण एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने सुबह 11.30 बजे ही महान दो माइंस को भी बंद करा दिया था, इससे कोल परिवहन पूर्ण रूप से ठप हो गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रबंधन ने महान तीन परियोजना के लिए गुमराह कर लोगों की जमीन ली है, हमारी मांगें जब तक पूरी नहीं हो जाती, हम अपनी जमीन माइंस के लिए नहीं देंगे। करीब तीन घंटे तक अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर विरोध प्रदर्शन करने के बाद ग्रामीण वहां से खदान के रास्ते पर जाकर बैठ गए और यहां विरोध शुरू कर दिया।

इस दौरान महान दो के सब एरिया मैनेजर रामसुंदर गुप्ता, महान तीन के मैनेजर आरके मंडल व एसईसीएल के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वहीं विरोध प्रदर्शन में बाबूलाल सिंह, जगसाय पोया, हरि सिंह, सोनसाय, जोखन नेताम, रघुनाथ, बलराम लकड़ा, पेमसाय, समयलाल, कबूतरी, सुखमनिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। इधर महान दो खदान के बंद होने से प्रबंधन को लाखों रुपए का नुकसान हुआ।


आश्वासन पर आंदोलन हुआ समाप्त
शाम लगभग 5 बजे तहसीलदार जेपी तिवारी ने उन्हें मांगों पर उचित पहल करने का आश्वासन दिया तब जाकर उन्होंने आंदोलन समाप्त किया, लेकिन कहा कि जब तक सूरजपुर व बलरामपुर के कलक्टर हमारी मांगें पूर्ण नहीं कर देते हैं, हम अपनी जमीन खुदाई के लिए नहीं देंगे। तहसीलदार ने उन्हें कहा कि आप नियम के तहत अपनी मांगों को रखें, इस पर उचित पहल होगी।


कुछ ही दिन पूर्व सीएम ने किया था शुभारंभ
महान तीन परियोजना एसईसीएल का संभाग का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इस परियोजना का सूरजपुर जिले में विकास यात्रा पर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शुभारंभ किया था। इस दौरान 51 लोगों को नौकरी का नियुक्ति पत्र भी दिया गया था। ये 51 ग्रामीण परियोजना का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन तीन गांव के लोगों के विरोध की वजह से इस परियोजना के संचालन को लेकर प्रबंधन को मुश्किल का सामना कर पड़ सकता है।

ये भी पढ़ें

3 लाख में किसान ने खरीदी थी सोने की ईंट, जौहरी के पास गया तो सामने आई ये सच्चाई
Published on:
29 May 2018 03:54 pm
Also Read
View All