गांव के अन्य ग्रामीणों के साथ गया था हाथी भगाने, चिकित्सकों का कहना कि सर्पदंश या जहरीले कीड़े के काटने से हुई मौत
सूरजपुर. गांव के करीब पहुंचे जंगली हाथी के झूण्ड को तो ग्रामीणों के समुह ने बस्ती से बाहर खदेड़ दिया। हाथियों को खदेडऩे गया एक ग्रामीण युवक जब घर पहुंचा तो थोड़ी ही देर बाद उसकी मौत हो गई। युवक की संदेहास्पद से मौत पर समूचा ागांव अचंभित है। इधर डॉक्टरों का कहना है कि किसी जहरीले सांप या कीड़े के काटने से युवक की मौत हुई है।
गौरतलब है कि जिले के ओडग़ी तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लांजित में इन दिनों जंगली हाथी के दल ने डेरा जमा लिया है। हाथियों की आमदरफ्त की वजह से लांजित और आसपास के अन्य ग्रामों के लोगों का जीना दूभर हो गया है। न उन्हें दिन में चैन आता है और न ही हाथियों के आने के भय से रात को नींद आती है।
सोमवार की शाम जब हाथियों का झूण्ड बस्ती के करीब पहुंचा तो लांजित के ग्रामीण एकजुट होकर उन्हें बस्ती से बाहर जंगल में खदेडऩे निकल पड़े। ग्रामीणों के समूह में गांव का 18 वर्षीय युवक सूरज पण्डो आत्मज हरवंशी पण्डो भी शामिल था। हाथियों के झूण्ड को हड़ही जंगल में खदेडऩे के बाद देर रात सभी वापस गांव आ गये, लेकिन 18 वर्षीय युवक सूरज पण्डो के घर लौटते ही उसकी हालत बिगड़ गई।
सुबह हुई सूरज की हालत खराब
हाथियों को जंगल में खदेड़कर आये 18 वर्षीय युवक सूरज पण्डो घर आकर ठीक न लगने पर सो गया और सुबह जब वह सोकर नहीं उठा तो परिजनों ने उसकी सुध ली। ग्रामीणों ने बताया कि सूरज के शरीर में दाने- दाने उभर गये थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे एलर्जी या दवा रियेक्शन कर गई हो। स्थानीय चिकित्सकों को कुछ समझ में नहीं आया तो ओडग़ी सामुदायिक केन्द्र ले जाने की सलाह दी, लेकिन जब तक ओडग़ी ले जाने तैयार हुए तब तक सूरज दम तोड़ चुका था। सूरज की मौत से गांव के सभी लोग स्तब्ध थे।
सर्पदंश से मौत का अंदेशा
ग्रामीण सूरज पण्डो की मौत की सूचना पर पोस्टमार्टम करने लांजित पहुंचे ओडग़ी बीएमओ डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि सूरज की मौत किसी जहरीले कीड़े के काटने या सर्पदंश से होने का अनुमान है। परिजनों ने भी सर्पदंश की जानकारी पुलिस को दी है। चिकित्सक डॉ. राकेश सिंह ने लांजित पहुंचकर गांव में ही शव का पोस्टमार्टम किया। उन्होंने मौत के कारणों में सर्पदंश का अभिमत दिया है।