
सूरजपुर. सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए वन विभाग द्वारा निर्मित स्टाप डेम में डूबने से दो छात्राओं की मौत को लिए वन विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए ग्रामीणों ने मंगलवार को सूरजपुर पहुंचकर कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों के परिजन को 25-25 लाख की आर्थिक सहायता एवं डीएफओं व रेंजर के विरूद्ध हत्या का अपराध दर्ज करने की मांग की।
जिला पंचायत सदस्य विन्दा देवी सांवरे ने बताया कि यह डेम नहीं मौत का कुआंं है। विभाग ने इस खतरनाक स्थल पर कोई प्रतिबंधित बोर्ड भी नहीं लगाया है। दोनों बच्चियों की मौत के लिए वन अधिकारी जिम्मेदार है।
गौरतलब है कि 1 अप्रैल को वीरपुर ग्राम से लगे सुतियानाला स्टाप डेम में कक्षा आठवीं की दो छात्राएं साइकिल से स्नान करने गई थी। स्टाप डेम काफी गहरा होने के कारण दोनों छात्रा पिंकी राजवाड़े एवं पुष्पा प्रजापति डूब गई और उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों के सहयोग से किसी तरह दोनों का शव बाहर निकाला गया था।
घटना के बाद मृतक छात्राओं के परिजनों और ग्रामीणों ने स्टाप डेम की सुरक्षा उपाय की व्यवस्था न होने के कारण नित्य हो रही घटनाओं से आक्रोशित हो गये और इस घटना के लिए वनविभाग के अधिकारियों को दोषी व जिम्मेदार ठहराते हुए उनके विरूद्ध हत्या का जुर्म दर्ज करने की मांग करने लगे।
कलक्टर से मुलाकात
क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य विन्दा देवी सांवरे ने कलक्टर केसी देवसेनापति से मुलाकात के बाद बताया कि स्टापडेम के निर्माण के दौरान वनविभाग द्वारा सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किये गये है। सुतियानाला के 15 फीट खोह को बांध कर डेम तो बना दिया गया लेकिन डेम में कोई गेट नही बनाया गया है।
यह डेम नहीं मौत का कुआंं बनाकर छोड़ दिया गया है। विभाग ने इस खतरनाक स्थल पर कोई प्रतिबंधित बोर्ड भी नहीं लगाया है। दोनों बच्चियों की मौत के लिए वन अधिकारी जिम्मेदार है।
नहीं हुई कार्रवाई तो होगा उग्र आंदोलन
इंका नेता छतरलाल सांवरे के नेतृत्व में कलक्टर को ज्ञापन सौपने के बाद ग्रामीणों ने कहा कि वनविभाग इन मौतों के लिए जिम्मेदार है। घटना की निष्पक्ष जांच कराने दोषियों पर सख्त कारवाई करने और मृत छात्राओं के परिजनों को 25-25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिलाने के अलावा जानलेवा बन चुके स्टाप डेम में सुरक्षा के इंतजाम कराने की मांग रखी गई है। मांग पूर्ण न होने पर थाना का घेराव एवं एनएच पर चक्काजाम करने की चेतावनी भी ज्ञापन के माध्यम से दी गई है।