28 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

न आगे सड़क है और न ही पीछे, कोई आता-जाता भी नहीं फिर भी बीच जंगल में बना दी पुलिया

कैलाशपुर पंचायत का मामला, इस्टीमेट नहीं बनाने व स्थल चयन में गड़बड़ी का आरोप, जिला खनिज न्यास से स्वीकृत की गई थी राशि
2 min read
Google source verification
Bridge between the forest

Bridge between the forest

सोनहत/बैकुंठपुर. जिला खनिज न्यास से स्वीकृत राशि के विकास-निर्माण कार्यों में भारी गड़बड़झाला करने का मामला सामने आया है। निर्माण एजेंसी ने जंगल में पुलिया का निर्माण कराया दिया है और पुलिया के आगे-पीछे सड़क ही नहीं है। ऐसे में इस पुलिया का औचित्य समझ से परे है। देखने के बाद मामला सीधे-सीधे जेब भरने का लगता है।


कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत कैलाशपुर के जंगल में जिला खनिज न्यास की राशि से पुलिया का निर्माण कराया गया है लेकिन पुलिया के आगे न तो सड़क है और न वहां से कोई आता-जाता है। इससे ग्रामीण पुलिया के आगे नहीं जा सकते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि 15 लाख की लागत से पुलिया का निर्माण कराया गया है, जिसकी निर्माण स्थल पर कोई आवश्यकता ही नहीं थी। क्योंकि पुलिया के आगे-पीछे सड़क ही नहीं बनी है। जंगल में भारी-भरकम राशि खर्च कर पुलिया निर्माण का कोई औचित्य नहीं है। पुलिया को बस्ती के पास से जंगल में बनाया गया है और पहुंच सड़क नहीं है। इससे अधिकारी व इंजीनियर की मिलीभगत करने का आरोप लगाया गया है।


स्थल चयन में मनमानी करने का आरोप
कांग्रेस नेता पुष्पेन्द्र राजवाड़े ने खनिज न्यास की राशि का दुरूपयोग करने का आरोप लगाकर कहा कि आवश्यकता से अधिक राशि की स्वीकृति कमीशन के कारण स्वीकृति दी गई है। खनिज न्यास की राशि से निर्माण कार्य की स्वीकृति में भी भारी भरकम झाम होता है।

जिला स्तर पर ही कार्य का बंटवारा होता है और कौन सा काम किसे दिया जाएगा, इसका फैसला भी जिला स्तर पर होता है। यही कारण है डीएमएफ के निर्माण में ग्राम पंचायत के प्रस्ताव की जरूरत है और न ही लोगों की मांग का ध्यान रखा जाता है। कोई भी अधिकारी कार्य का निरीक्षण करने नहीं आते है। गुणवत्ताहीन व घटिया निर्माण कार्य कराने के बाद भी इंजीनियर मूल्यांकन कर देता है।


किया जाएगा स्थल का निरीक्षण
पुलिया निर्माण के संबंध में स्थल देखने के बाद ही बेहतर जानकारी दी जा सकती है। जल्द ही निर्माण स्थल का निरीक्षण किया जाएगा।
मोतीराम सिंह, एसडीओ आरईएस सोनहत

बड़ी खबरें

View All

कोरीया

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग