पांच जिलों में अलग-अलग कार्यों पर खर्च होंगे 57.78 करोड़
सूरत. गुजरात स्थापना दिवस पर राज्य सरकार की ओर से 1 मई से शुरू किए जा रहे जल संचय अभियान के अंतर्गत दक्षिण गुजरात के पांच जिलों में 430 चैक डेम और तालाबों की गहराई बढ़ाने के साथ जल संचय के लिए 5633 कार्य किए जाएंगे। इन पर 57.78 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सूरत जिले में अभियान की शुरुआत ओलपाड के कदरमा गांव से होगी।
राज्य के आदिजाति विकास और वन मंत्री गणपत वसावा ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि जल संकट को देखते हुए बारिश के पानी के संचय के उद्देश्य से 1 से 31 मई तक राज्य सरकार जन भागीदारी से सुजलाम्-सुफलाम् जल संचय अभियान शुरू करने जा रही है। दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी, तापी, डांग और वलसाड जिले में अभियान के अंतर्गत 430 तालाबों और चैक डेम की गहराई बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा मनरेगा के तहत 2048, प्रशासन की ओर से 2714 तथा मनपा, नपा, जिला पंचायत, तहसील पंचायतों की ओर से जल संचय के लिए 441 कार्य किए जाएंगे। अभियान के दौरान सरकार को गुजरात में 11 लाख घन फीट जल संग्रह की उम्मीद है।
सूरत जिले में 2243 कार्य होंगे
वसावा ने बताया कि सूरत जिले में अभियान के तहत प्रशासन तथा विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से जल संचय के 2243 कार्य किए जाएंगे। अभियान में 175 जेसीबी मशीनों और 350 ट्रेक्टरों का उपयोग किया जाएगा। सूरत जिले में अभियान पर करीब 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 50 फीसदी खर्च राज्य सरकार और 50 फीसदी विभिन्न एनजीओ तथा संस्थाएं वहन करेंगी।
सूरत में मनपा बनाएगी नए 40 रिचार्ज बोर
नपा का हाइड्रोलिक विभाग तापी नदी के शुद्धिकरण, जलकुंभी निकालने, वॉल्व लीकेज की समस्या दूर करने के साथ ४० नए रिचार्ज बोर तैयार कराएगा। पुराने ३५० रिचार्ज बोर की सफाई और निजी बोरवेल की सफाई भी की जाएगी। हाइड्रोलिक टीम पानी की बर्बादी रोकने के साथ शहरभर में पानी कनेक्शन की जांच कर अवैध कनेक्शन काटने की कार्रवाई करेगी। गार्डन विभाग तालाबों की साफ-सफाई के साथ मानसून के दौरान पौधरोपण की तैयारियां करेगा। ड्रेनेज विभाग खाडिय़ों की सफाई का काम संभालेगा। पिछले गुरुवार को हुई सेक्टर बैठक में आयुक्त एम. थेन्नारसन ने अधिकारियों को अभियान को गंभीरता से लेते हुए जल संचय के तहत चिन्हित कामों को पूरा करने की हिदायत दी थी।