अहमदाबाद की चीटर गैंग ने सूरत के व्यापारियों के रेफरेन्स देने के नाम से ठगी करना शुरू किया
सूरत
कपड़ा व्यापारियों को येन-केन प्रकार से भ्रमित करने वाले चीटर रोज नए-नए ढंग ढूंढ निकालते हैं। पिछले कुछ दिनों से अहमदाबाद की चीटर गैंग ने सूरत के व्यापारियों के रेफरेन्स देने के नाम से ठगी करना शुरू किया है।
इस गैंग का शिकार बनने वाले व्यापारियों का कहना है अहमदाबाद की कुछ चीटर गैंग के लोग अहमदाबाद माल भेजने वाले व्यापारियों के नाम और संपर्क नंबर ले लेने के बाद वहां से फोन करते हैं और खुद को अहमदाबाद की कपड़ा मंडी के प्रतिष्ठित एजेंसी का बताते हुए सूरत में भी तीन से चार व्यापारियों का रेफरेन्स और मोबाइल नंबर देते हैं। जो कि वास्तव में यहां का नहीं होता है। बात-बात में विश्वास हासिल करने के बाद यहां के व्यापारी से एक या दो पार्सल के भेजने के लिए कहते हैं। सूरत का व्यापारी के विश्वास के लिए अहमदाबाद के एजेंट से मिले रेफरेन्स पर नंबर पर फोन करने पर चीटर गेंग के लोग ही फोन उठाते हैं और सब कुछ ठीक बताते हैं। इस तरह पूरे चक्कर में फंसने के बाद व्यापारी एक या दो पार्सल भेज देते हैं और तीस से चालीस दिन पर पेमेन्ट मिलने के स्थान पर अहमदाबाद की पार्टी लापता हो जाती है। एक व्यापारी राकेश जैन ने बताया कि पिछले दिनों अहमदाबाद से एक एजेंट का फोन आया था, जिसने कि कुछ व्यापारियों को सूरत का बताकर रेफरेन्स नंबर दिया था और कई माध्यमों से स्वयं की गलत पहचान बताते हुए बहाने से माल मंगा लिया था, लेकिन वहां जाने पर पूरे मामले का पर्दाफांश हुआ। ऐसे चीटर व्यापारी दो महीने तक ही दुकान रखते हैं और एक-दो पार्सल कर बड़े पैमाने पर पार्सल मंगाकर फरार हो जाते हैं। यदि सूरत का व्यापारी इस बारे में शिकायत करे तो भी वहां प्रशासन से पूरा सहकार नहीं मिलता।
सीए संजय जगनानी ने बताया कि अहमदाबाद से कुछ चीटर गेंग इस तरह से गलत पहचान और झूठे रेफरेन्स देकर सूरत के व्यापारियों से माल मगाकर ठगी कर रही है। पिछले कुछ दिनों में ही व्यापार प्रगति संघ में 10 से अधिक मामले आ चुके हैं।