
सूरत
सूरत एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम में कस्टम विभाग ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का लगेज जांचने के लिए अलग से स्कैनर लगाया। सूरत एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू करने के लिए तैयारियां चल रही हैं। यह उसी दिशा में एक कदम है।
वी वर्क फोर वर्किंग एयरपोर्ट के संजय जैन ने बताया कि कस्टम विभाग की ओर से रविवार को एयरपोर्ट पर लगेज स्कैनर इंस्टॉल किया गया। एयरपोर्ट पर एक लगेज स्कैनर पहले से कार्यरत है। नए स्कैनर को अंतरराष्ट्रीय उड़ान के पैसेंजर्स के सामान की जांच के लिए लगाया गया है।
सूरत एयरपोर्ट के विकास के लिए हाल ही केंद्र सरकार ने 353.25 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इससे एयरपोर्ट के कई लम्बित काम शुरू होने का रास्ता खुल गया। सूरत से शारजाह के लिए विमान सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से 353.25 करोड़ रुपए की मंजूरी के बाद टर्मिनल एक्सटेंशन, टैक्सी वे और पार्किंग का काम होना है। बजट में एयरपोर्ट के मोडिफिकेशन के लिए साढ़े पांच करोड़ रुपए दिए गए। सूरत एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की मुहिम के कारण सूरत को कई शहरों के लिए कनेक्टिविटी मिली है। शारजाह के लिए शुरू होने वाली विमान सेवा को लेकर एयरपोर्ट पर लंबा रन-वे, टर्मिनल बिल्डिंग, पार्किंग आदि अनिवार्य हैं।
पिछली 10 अगस्त को इमीग्रेशन विभाग, कस्टम विभाग, पुलिस विभाग और एयरपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों की बैठक में इमीग्रेशन अधिकारियों ने इमीग्रेशन के लिए मंजूरी दे दी थी। उन्होंने बताया था कि एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन स्टाफ में नियुक्त 15 पुलिस कर्मियों को मुंबई एयरपोर्ट पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनका प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अन्य 15 को भेजा जाएगा। कस्टम अधिकारी ने बताया था कि एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग के लिए और कैबिन होना चाहिए। यहां बैंक और मनी एक्सचेंज की व्यवस्था की जानी चाहिए। बैठक में एयरपोर्ट के अधिकारियों ने कहा था कि सूरत एयरपोर्ट से रात 9.30 बजे अंतिम फ्लाइट उड़ान भरती है। इसके बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय उड़ान की व्यवस्था के लिए तीन घंटे का समय चाहिए। रात 12.30 बजे से पांच बजे तक अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू की जा सकती है।
सूरत को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा देने और डॉमेस्टिक सेग्मेंट में अन्य शहरों से एयर कनेक्टिविटी की मांग बरसों पुरानी है। राजस्थान पत्रिका ने एयर कनेक्टिविटी और अंतरराष्ट्रीय दर्जे की मांग के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत को देखते हुए लंबा अभियान चलाया था। उसके बाद एविएशन मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी सक्रिय हुई तो सूरत एयरपोर्ट पर इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होने के साथ ही अन्य शहरों से एयर कनेक्टिविटी में भी लगातार इजाफा हो रहा है। एयरपोर्ट पर बफैलो हिट के बाद लोगों को महज एक फ्लाइट मिल रही थी। पत्रिका के अभियान के बाद शहर के अन्य लोग और संस्थाएं सक्रिय हुईं तो फ्लाइट्स की संख्या में खासा इजाफा हुआ।