आम आदमी पार्टी के 14 पार्षदों ने स्कूलों के विकास के लिए आवंटित की ग्रांट की मांगी थी जानकारी
सूरत. मनपा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच हमेशा से तनातनी चलती रही है। कभी सामान्य सभा में सवाल नहीं पूछने देने तो कभी सवालों का जवाब नहीं देने का विपक्ष गंभीर आरोप लगाते हुए सत्ता पक्ष को घेरता रहा है। अब एक बार फिर विपक्ष ने आरटीआई के तहत जनप्रतिनिधियों तक को भी जानकारी नहीं देने का आरोप सत्ता पक्ष भाजपा पर लगाया है। मनपा संचालित नगर प्राथमिक शिक्षण समिति में विपक्ष के सदस्य राकेश हिरपरा ने गुरुवार को प्रेसवार्ता के जरिए सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि शिक्षण समिति संचालित स्कूलों के विकास के लिए अब तक पार्षदों की ग्रांट से रुपए आवंटित नहीं किए जाते थे, लेकिन मनपा में विपक्ष में जब से आम आदमी पार्टी आई है, तब से आप के पार्षद स्कूलों के विकास के लिए ग्रांट आवंटित कर रहे हैं।
ग्रांट के उपयोग के बारे में भी नहीं बता रहे
विपक्ष के 14 पार्षदों ने अपनी ग्रांट स्कूलों के विकास के लिए दी है। किस पार्षद ने कितनी ग्रांट आवंटित की और उस ग्रांट का कहां-कहां उपयोग किया गया, इसे लेकर जानकारी मांगने का पार्षदों को अधिकार है। जनप्रतिनिधियों को संबंधित विभागों से जानकारी हासिल करने का अधिकार होने के बावजूद सत्ता पक्ष की ओर से जानकारी नहीं दी जाती। हिरपरा ने बताया कि उन्होंने आम आदमी पार्टी के पार्षदों की ओर से आवंटित ग्रांट और खर्च का हिसाब मांगा तो उन्हें नहीं दिया गया। उन्होंने समिति के अध्यक्ष से लेकर अधिकारियों का संपर्क किया, लेकिन उन्हें जानकारी नहीं दी। आखिरकार सूचना का अधिकार कानून का सहारा लिया, लेकिन इसके तहत भी जानकारी नहीं दी जा रही। जिससे पार्षदों की ग्रांट में भ्रष्टाचार किए जाने ने से इनकार नहीं किया जा सकता। अब उन्होंने अपील याचिका दायर की, ऐसे में उन्हें जानकारी मिलती है या नहीं यह आगामी दिनों में पता चलेगा।