11 हजार सुरक्षाकर्मियों और 20 हजार से ज्यादा स्वयं सेवकों ने संभाली व्यवस्था
सूरत. ग्यारह हजार से अधिक सुरक्षा जवानों और बीस हजार से अधिक स्वयं सेवकों की मौजूदगी में रविवार को शहर में शांतिपूर्ण माहौल में बप्पा की विदाई हुई। छिटपुट घटनाओं को छोड़ कहीं से किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार 8० हजार से अधिक मूर्तियों के विसर्जन के लिए पुलिस और प्रशासन ने १३ पुलिस थाना क्षेत्रों में २२ कृत्रिम तालाबों और हजीरा तथा डूमस में ५ विसर्जन केन्द्रों की व्यवस्था की थी। पुलिस ने विसर्जन यात्राओं को लेकर ३४ मार्गों को आम यातायात के लिए बंद कर दिया था। कई मार्गों पर एकतरफा यातायात की व्यवस्था की गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा अन्य शहरों के ६०० पुलिसकर्मियों, ५ हजार होमगार्ड जवानों, रिजर्व पुलिस बल और अर्ध सैनिक बल की १० कंपनियों को तैनात किया गया था। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए टीआरबी जवानों के साथ ५११२ हॉक आइ सदस्यों, ७१७८ फ्रेंड ऑफ पुलिस की भी विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया था। विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवकों की भी व्यवस्था बनाए रखने में मदद ली गई।
पुलिस ने विभिन्न मार्गों पर १५४ प्रेशर प्वॉइंट बनाए थे। इनमें से १५ मुख्य प्रेशर प्वाइंट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इस बार लोगों की जागरुकता और पुलिस की व्यवस्था के कारण यातायात को लेकर अधिक समस्या नहीं हुई। हालांकि कई स्थानों पर यात्रा मार्ग की जानकारी के अभाव आदि के कारण मंडल के लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच नोंक-झोंक हुई।
बेगमपुरा में रही शांति
सलाबतपुरा थाना क्षेत्र के बेगमपुरा में शुक्रवार देर रात की घटना और शनिवार दोपहर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद रविवार को शांति रही। थानाप्रभारी वी.जे. चौधरी ने बताया कि शुक्रवार की घटना के बाद कुछ समाज कंटकों ने धार्मिक भावनाएं भडक़ाने और शांति भंग करने के इरादे से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था। इस वीडियो को लेकर क्राइम ब्रांच ने शनिवार रात वीडियो में दिख रहे युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। रविवार को शांतिपूर्ण माहौल में विसर्जन यात्राएं निकलीं।
महिला पत्रकार से अभद्र व्यवहार
विसर्जन यात्रा के दौरान एक फ्रेंड ऑफ पुलिस (एफओपी) स्वयं सेवक द्वारा महिला पत्रकार से अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। एसवीएनआइटी रोड पर तैनात निशांत नाम के इस स्वयं सेवक ने वहां रिपोर्टिंग के लिए गई महिला पत्रकार से अभद्र व्यवहार किया। पार्किंग को लेकर बेवजह विवाद खड़ा कर उसने पुलिस अधिकारी की तरह रौब झाड़ कर मामला दर्ज करने की धमकी दी। इस संबंध में महिला पत्रकार ने शहर पुलिस आयुक्त को लिखित शिकायत दी है।