
विनीत शर्मा
सूरत. जिस पैटर्न पर सूरत महानगर पालिका प्रशासन आगे बढ़ रहा है, उसका महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट केबल ब्रिज अपनी रोशनी का खर्च खुद निकालेगा। ब्रिज की विशेष सजावट की जानी है, जिसके लिए पीपीपी मोड पर जाने की तैयारी है। संबंधित कंपनी ब्रिज की विशेष रोशनी का खर्च वहन करेगी। सूरतीयों के लिए ही नहीं, शहर में आने वाले लोगों के लिए भी वच्र्युअल वॉल विशेष आकर्षण रहेगी।
गांधी जयंती पर उद्घाटन से पहले ही लोगों के बीच हाइप ले चुका केबल ब्रिज आने वाले दिनों में नए रंग-रूप के साथ अपनी छटा बिखेरेगा। यह रूप लोगों के आकर्षण का विशेष केंद्र बनेगा। अधिकारियों की कोशिश है कि विशेष सजावट के कारण इस पर होने वाले खर्च का भार मनपा प्रशासन पर नहीं पड़े। इसके लिए मनपा प्रशासन ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (इओआइ) मंगाए हैं।
मनपा टीम पीपीपी मोड पर इस दिशा में आगे बढ़ रही है। संबंधित कंपनी को ब्रिज पर होने वाली विशेष सजावट का पूरा खर्च वहन करना होगा। इसके बदले में मनपा प्रशासन ब्रिज पर संबंधित कंपनी को विज्ञापन के होर्डिंग्स लगाने की अनुमति देगा। इससे जहां ब्रिज पर होने वाली रोशनी का भार मनपा प्रशासन पर नहीं पड़ेगा, संबंधित कंपनी को होर्डिंग्स के लिए कोई राशि मनपा को नहीं चुकानी पड़ेगी।
एनर्जी एफिशियंसी टीम ने इसके लिए इओआइ मंगाए हैं। केेबल ब्रिज पर मनपा प्रशासन किस तरह की लाइटिंग चाहता है, इसे लेकर अधिकारी सुझाव देंगे। इस काम को करने के इच्छुक ठेकेदार बताएंगे कि यह किस तरह हो सकता है। बेहतर प्रजेंटेशन के आधार पर ही यह काम निजी एजेंसी को दिया जाएगा। इस पर होने वाले खर्च और इसकी मेंटिनेंस की भरपाई संबंधित ठेकेदार को ब्रिज पर होने वाले विज्ञापनों से वहन करनी होगी।
सजावट की खासियत
आम तौर पर केबल ब्रिज पर जिस तरह की रोशनी होती है, वह मनपा प्रशासन पहले ही कर चुका है। देशभर में नए प्रयोग के लिए आगे रहने वाली सूरत मनपा इस बार केबल ब्रिज पर नया प्रयोग करने जा रही है। केबल ब्रिज पर स्थाई तौर पर विशेष सजावट की तैयारी तो है ही, मनपा की कोशिश है कि जिस हिस्से में केबल लगे हैं, वहां वच्र्युअल वॉल लगाने की व्यवस्था की जाए। विशेष अवसरों पर इस आभासी दीवार पर संदेशों के साथ ही उन मौकों को लेकर लेजर पेंटिंग या रनिंग तस्वीरें दिखाई जाएं। इसके अलावा आम दिनों में भी पुल को अलग तरीके से सजाने-संवारने की तैयारी है।
मंगाए हैं प्रस्ताव
अभी प्रस्ताव मंगाए हैं। किस तरह से काम आगे बढ़ता है, इसकी तस्वीर साफ होने में वक्त लगेगा।
के.एच. खटवाणी, एडीशनल सिटी इंजीनियर, सूरत मनपा