हीरा भी बदल रहा कई रंग, उसके रंग में ऐसे रंग रहे कद्रदान, हुआ लाल, गुलाबी और नीला भी मनभाया, हीरे की दुनिया में क्रांति कर रहे रंग, नेचुरल कलर डायमंड बन रहे स्टेटस सिंबल
विनीत शर्मा
सूरत. करीब एक दशक पहले जब सोने ने अपना पीला चोला छोडक़र अलग रंग में खुद को रंगना शुरू किया था तो शहर में लोग उसके दीवाने हुए थे। रंगीन हीरे से अबतक अनजान रहे लोगों को सतरंगी छठा बिखेर रहा हीरा लुभाने लगा है। यह हीरा इसलिए भी खास है कि उपलब्धता बहुत कम है। इसीलिए अभिजात्य वर्ग इन हीरों का दीवाना है।
ज्यादा वक्त नहीं बीता जब लोग कत्थई, हरा और गुलाबी रंग में रंगे सोने के जेवर पहनकर इठलाते थे। यह वह दौर था जब सोना अपने पीले चोले को बदल कर सतरंगी चोला ओढ़ रहा था। सोने के रंग बदलते तेवर लोगों की चाहतों को पंख दे रहे थे। यह बदलाव तो केमिकल लोचे का खेल था। जेवर बनाते समय धातुओं के मिश्रण के प्रतिशत में फेरबदल कर जेवरात व्यापारी सोने का रंग बदल रहे थे।
अब दौर है रंगीन हीरे का। हीरा आमतौर पर सफेद रंग का ही होता है। हीरा के विकल्प के रूप में कांच के टुकड़े जेवरों में जड़वा रहे लोग विविधता के लिए रंगीन कांच का इस्तेमाल कर रहे हैं। आने वाले दिनों में रंगीन हीरा भी आम आदमी की पहुंच में होगा। अभिजात्य वर्ग से निकलकर नेचुरल फैंसी कलर डायमंड आम होने लगा है। हालांकि रंगीन हीरे में भी विविधता कम नहीं है।
दो दशक में आसमान पर पहुंचे दाम
नेचुरल फैंसी कलर डायमंड ने बीते दो दशक में बढ़ती कीमतों भी नया कीर्तिमान बनाया है। दो दशक के भीतर अप्रत्याशित तरीके से इनके दामों में इजाफा हुआ है। एसकेएसएम डायमंड्स के महेश ककाडिय़ा ने बताया कि गुलाबी और नीले हीरे की कीमतों में तो 2001 से 2019 के बीच आठ सौ गुणा का इजाफा हुआ है। लाल डायमंड दुर्लभतम है, इसलिए इसकी कीमत का निर्धारण बड़ा मुश्किल है। जिसके पास लाल हीरा है, वहीं इसकी कीमत तय कर सकता है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोग लाल हीरे को जेवरों में जड़वाने के बजाय इंवेस्टमेंट के लिए ही खरीदते हैं।
होते हैं सात शेड्स
हीरों में सात शेड्स होते हैं। शेड्स की गुणवत्ता के क्रम में इसे फेंट या लाइट, फैंसी लाइट, फैंसी, फैंसी डार्क, फैंसी इंटेंस, फैंसी डीप और फैंसी विविड श्रेणी में रखा गया है। इनमें फैंसी विविड अपनी गुणवत्ता में सबसे बेहतर माना जाता है।
दुर्लभ है रंगीन हीरा
रंगीन हीरा दुर्लभ है इसीलिए आम लोगों की पहुंच से बाहर भी है। खदानों से निकल रहे कुल हीरे का महज 0.2 फीसदी ही रंगीन हीरा निकलता है। उसमें भी एक बड़ा हिस्सा पीले हीरे का होता है। खदानों से निकलने वाले रंगीन हीरे में पीले के अलावा नारंगी, हल्का हरा, गुलाबी, नीला और लाल रंग का हीरा निकलता है। गुलाबी हीरे की उपलब्धता तो 0.001 फीसदी ही है और लाल हीरा यदाकदा ही किसी खदान में दिख जाना बड़ी उपलब्धता है।