
नवसारी. करीब एक माह पूर्व नवसारी नगर पालिका द्वारा शहर में वर्षों से लगने वाली लारियों को हटवा देने से नाराज लारी वालों ने गुरुवार को अधिक कलक्टर केएस वसावा को ज्ञापन सौंपा। वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने तक पुरानी जगह पर ही लारी लगाकर उन्हें व्यवसाय करने की अनुमति देने की मांग की गई है। ऐसा न होने पर लोगों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
नगरपालिका ने स्वच्छता सर्वेक्षण और ट्रैफिक समस्या का कारण बताते हुए शहर में सड़कों के किनारे एवं गली मोहल्ले में लगने वाली लारियों को हटवा लिया या जब्त कर लिया। लारी छुड़वाने गए लोगों से जुर्माना वसूलने के साथ ही स्टांप पेपर भी हलफनामा भी करवा गया। इतने दिन से बेरोजगार हुए लारी वालों के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गुरुवार को यह लोग अधिक कलक्टर के पास पहुंचे और उन्हें ज्ञापन दिया।
लोगों का आरोप-बिना नोटिस के जब्त कर ली लारियां
लोगों ने आरोप लगाया है कि बिना किसी नोटिस के ही उनकी लारी जब्त कर ली गई है। लोगों ने बताया कि लारी वालों को नगर पालिका ने ही नंबर भी दिया है जिसका किराया भी नपा लेती है। इसके बाद भी ट्रैफिक का हवाला देते हुए लारी जब्त कर ली गई।
2014 में हॉकर्स जोन प्रस्ताव पारित, अब तक नहीं हुआ इस पर अमल
ज्ञापन में कहा गया है कि 2014 में नपा ने हॉकर्स जोन बनाने का प्रस्ताव पास किया। उसके बाद कुछ नहीं किया गया। लोगों ने हॉकर्स जोन न बनने या अन्य किसी विकल्प के अभाव में पुरानी जगह पर ही लारी लगाकर धंधा करने देने की अनुमति मांगी है। ऐसा न होने पर गांधीजी के बताए मार्ग पर चलकर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं अधिक कलक्टर वसावा ने प्रभारी जिला कलक्टर तुषार सुमेरा व नपा अधिकारी से चर्चा कर समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया है।
एक महीने से हुए बेरोजगार
हम एक महीने से बेरोजगार है। घर पर अब क्या खाएंगे इसकी चिन्ता सताने लगी है। पालिका को पहले वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए उसके बाद लारी वालों को हटाना चाहिए। तानाशाही का परिचय देते हुए नपा गरीबी की जगह गरीबों को दूर करने पर तुली है। हमें न्याय की उम्मीद है।
कुणाल चौहान, लारी वाला
लारी की भर रहा हूं किस्त
नवसारी सांसद ने पालिका द्वारा प्रधानमंत्री की किसी योजना के तहत 50 हजार में लारी दिलाई थी। जिसकी किस्त आज भी भर रहा हूं। नपा ने अपनी दी हुई लारी हटा दी। जब लारी छुड़ाने गया तो जुर्माना लेने के साथ ही हलफनामा भी करवा दिया। इस दोहरी नीति से काफी दुखी हूं। परिवार का गुजारा कैसे होगा ?
सुरेश बच्छाव, लारीवाला